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किरनापुर थाने पर पथराव: 63 नामजद, ₹10 हजार इनाम… अब CCTV बताएगा कौन था भीड़ में?

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Stone-Pelting at Kirnapur Police Station: 63 Named in FIR, ₹10,000 Reward Announced… Will CCTV Reveal Who Was in the Crowd?

Kirnapur police station stone pelting case in Balaghat, 63 named in FIR
किरनापुर थाना पथराव मामले में 63 लोगों के खिलाफ FIR, CCTV और वीडियो से पहचान जारी।

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल बालाघाट जिले के किरनापुर में 15 सितंबर को पुलिस थाने पर हुए पथराव और उपद्रव के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

15 सितंबर को प्रदर्शन के बाद बिगड़ा था माहौल

किरनापुर में एक गर्भवती महिला और उसके पति के साथ पुलिस थाने में कथित मारपीट के आरोपों के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और पुलिस थाने पर पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना में पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।

घटना के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के अनुसार करीब 90 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से 77 को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हीं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।

पुलिस ने 63 लोगों को किया नामजद, अज्ञात भी जांच के दायरे में

नई रिपोर्टों के अनुसार किरनापुर थाने में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे सहित 63 लोगों के खिलाफ 16 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक FIR में 100 से 200 अज्ञात महिला-पुरुषों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस अब घटना के दौरान बनाए गए मोबाइल वीडियो और CCTV फुटेज को खंगाल रही है। संदिग्धों की पहचान के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक कुछ संदिग्धों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने घटना को पूर्व नियोजित साजिश होने का दावा भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस 14 और 15 सितंबर को क्षेत्र में शराब की पेटियां पहुंचने और कथित तौर पर भीड़ को उकसाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

साजिशकर्ताओं की जानकारी देने पर ₹10 हजार इनाम

पुलिस ने घटना से जुड़े आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं की पहचान में आम लोगों से सहयोग मांगा है। पुलिस के अनुसार वीडियो या अन्य साक्ष्यों में दिखाई देने वाले आरोपियों के संबंध में सही और उपयोगी जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹10,000 का नकद इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात भी पुलिस ने कही है।

किरनापुर की घटना में अब पुलिस जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण वीडियो साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की भूमिका तय करना है। एक तरफ पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों पर कार्रवाई की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ घटना की मूल पृष्ठभूमि और प्रदर्शन के दौरान पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

Legal Disclaimer: This report is based on police statements and published reports. Allegations against individuals remain subject to investigation and judicial determination.

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