छिंदवाड़ा कफ सिरप केस में नया कानूनी मोड़, हाईकोर्ट ने दवा विक्रेता को दी जमानत.
New Legal Turn in Chhindwara Cough Syrup Case: High Court Grants Bail to Drug Seller.

MP संवाद समाचार, जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश के चर्चित छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में जबलपुर हाईकोर्ट से जुड़ा नया अपडेट सामने आया है। मामले में आरोपी थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है, जबकि आरोपी डॉ. एस.एस. ठाकुर की जमानत याचिका सुनवाई के दौरान वापस ले ली गई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ में हुई।
यह मामला अक्टूबर 2025 में बच्चों की मौतों के बाद सामने आया था। अलग-अलग रिपोर्टों में मृत बच्चों की संख्या 24 और 25 बताई गई है; इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़े के लिए जांच और न्यायिक रिकॉर्ड को आधार बनाना उचित होगा।
करीब 11 महीने से न्यायिक हिरासत में थे राजेश सोनी
रिपोर्टों के अनुसार राजेश सोनी को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था और वह करीब 11 महीने से न्यायिक हिरासत में थे। उनकी ओर से जमानत आवेदन में तर्क दिया गया कि कफ सिरप के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उन्होंने कंपनी से स्टॉक मिलने के बाद उसकी बिक्री की थी। यह भी दलील दी गई कि मामले में पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और चालान पेश किया जा चुका है।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद राजेश सोनी को जमानत का लाभ दिया। हालांकि जमानत मिलना आरोपों से दोषमुक्त होने के समान नहीं है; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आगे की कार्यवाही में तय होगा।
डॉ. एस.एस. ठाकुर ने सुनवाई के दौरान वापस ली जमानत अर्जी
मामले में आरोपी डॉ. एस.एस. ठाकुर ने भी हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दिया था। सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता ने आवेदन वापस लेने का आग्रह किया, जिसे एकलपीठ ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उनकी जमानत याचिका निरस्त हो गई।
इससे पहले मामले में दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित कुछ अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग न्यायिक आदेशों के माध्यम से जमानत मिल चुकी है। जुलाई 2026 में हाईकोर्ट ने दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को सशर्त जमानत दी थी। अभियोजन पक्ष ने उस समय आरोप लगाया था कि दोनों की भूमिका कथित सप्लाई और डॉक्टरों तक दवा पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़ी थी, जबकि आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया था।
निर्माता कंपनी और अन्य आरोपियों पर अब भी जांच की नजर
मामले में पुलिस ने कफ सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन गोविंदन, केमिस्ट और डॉक्टरों सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कंपनी के मालिक और कुछ डॉक्टर अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि कुछ आरोपियों को अलग-अलग अदालतों से जमानत मिल चुकी है।
इस प्रकरण की गंभीरता इसलिए भी बढ़ी थी क्योंकि जांच में प्रतिबंधित कफ सिरप से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए थे। जुलाई की रिपोर्टों के अनुसार जांच में सिरप के एक नमूने को सरकारी परीक्षण में “Not of Standard Quality” घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब राजेश सोनी को मिली जमानत के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। सवाल यह भी रहेगा कि जांच में सामने आए कथित निर्माण, आपूर्ति, बिक्री और प्रिस्क्रिप्शन नेटवर्क की जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया में किस तरह तय होती है। फिलहाल किसी भी आरोपी की भूमिका को अंतिम रूप से दोषसिद्ध नहीं माना जा सकता, क्योंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
Legal Disclaimer: This report is based on court proceedings and published reports. Allegations against the accused remain subject to judicial determination, and bail does not constitute acquittal.