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उंगली का ऑपरेशन, जिंदगी कोमा में! 8 महीने बाद डॉक्टर गिरफ्तार.

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Finger Surgery, Life in a Coma! Doctor Arrested After 8 Months.

बालाघाट में उंगली के ऑपरेशन के बाद कोमा में पहुंचे युवक के मामले में आठ महीने बाद एक डॉक्टर गिरफ्तार।

MP संवाद समाचार | बालाघाट/भोपाल
विशेष संवाददाता: आनंद ताम्रकार, बालाघाट, मध्य प्रदेश

बालाघाट में एक युवक के ऑपरेशन के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला आठ महीने बाद भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में उंगली के फ्रैक्चर के ऑपरेशन के बाद 35 वर्षीय विवेक तिरपुड़े कोमा में चले गए। मामले में कोतवाली पुलिस ने 19 अक्टूबर 2026 की रात डॉक्टर हितेश कावड़े को गिरफ्तार किया है, जबकि नामजद महिला चिकित्सक डॉ. सृष्टि जैन के फरार होने की जानकारी सामने आई है। इस बीच विवेक की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।

मामूली फ्रैक्चर का इलाज, जिंदगी पर गंभीर संकट

जानकारी के अनुसार, सड़क हादसे में बाएं हाथ की उंगली में फ्रैक्चर होने के बाद विवेक तिरपुड़े को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया की अधिक खुराक दिए जाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे कोमा में चले गए।

एक उंगली के फ्रैक्चर के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे युवक की जिंदगी पर संकट खड़ा होने का यह मामला चिकित्सा प्रक्रिया, मरीज की सुरक्षा और उपचार में कथित लापरवाही से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है। हालांकि, एनेस्थीसिया की खुराक और मरीज की स्थिति के बीच संबंध की पुष्टि जांच तथा संबंधित चिकित्सकीय साक्ष्यों से ही हो सकेगी।

आठ महीने बाद गिरफ्तारी, महिला डॉक्टर की तलाश का सवाल

मामले में कार्रवाई को लेकर आठ महीने की अवधि के बाद डॉक्टर हितेश कावड़े की गिरफ्तारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दोनों नामजद चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। महिला चिकित्सक डॉ. सृष्टि जैन के फरार होने की जानकारी भी सामने आई है।

अब सवाल यह है कि घटना के कारणों, ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। मामले की निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

विवेक की हालत नाजुक, परिवार को न्याय का इंतजार

विवेक तिरपुड़े की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू युवक का स्वास्थ्य और परिवार को घटना की स्पष्ट जानकारी मिलना है। परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच, चिकित्सकीय रिकॉर्ड की समीक्षा और संबंधित विशेषज्ञों की राय से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

MP संवाद समाचार का सवाल: यदि इलाज के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई है, तो उसकी जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जांच कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ती है? अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर हैं।

रिपोर्ट: आनंद ताम्रकार | MP संवाद समाचार, बालाघाट

Legal Disclaimer: This report is based on the information available at the time of publication. Allegations concerning medical negligence are attributed to the patient’s family and have not been independently established by this report. The arrest and investigation details are reported as provided and should be verified against official police records. No individual is presumed guilty merely because an allegation has been made or an arrest has occurred. The persons concerned retain their legal rights, including the right to a fair investigation and due process. The report does not intend to prejudice any ongoing investigation or judicial proceedings. Any corrections or verified updates may be incorporated as further information becomes available.

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