बालाघाट में PDS चावल की कथित कालाबाजारी! 44 बोरी जब्त, तीन लोगों पर FIR.
Alleged PDS Rice Black Marketing in Balaghat! 44 Bags Seized, FIR Registered Against Three People.

MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल
विशेष संवाददाता, आनंद ताम्रकार | MP Samwad News
बालाघाट, 18 अक्टूबर 2026। गरीब परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के चावल की कथित अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। बालाघाट जिले के भरवेली में प्रशासन, खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद तीन व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई है। जांच के दौरान मानेगांव स्थित सत्यनाम ट्रेडर्स से 44 बोरी फोर्टिफाइड चावल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 96,348 रुपये बताई गई है। यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी और खाद्यान्न के वितरण में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करता है।
सरकारी राशन दुकान से व्यापारी तक कैसे पहुंचा PDS चावल?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी के निर्देश पर 14 अक्टूबर 2026 को प्रशासन, खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच एवं कार्रवाई की थी। जांच के दौरान शासकीय उचित मूल्य दुकान भरवेली (शक्तिकुंज) से सत्यनाम ट्रेडर्स, मानेगांव को 14 बोरी फोर्टिफाइड चावल बेचे जाने का मामला सामने आया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कथित अवैध बिक्री का मामला गंभीर है। ऐसे में यह जांच महत्वपूर्ण है कि चावल किन परिस्थितियों में दुकान से बाहर पहुंचा और क्या निर्धारित वितरण प्रक्रिया का पालन किया गया था।
सत्यनाम ट्रेडर्स से 44 बोरी चावल जब्त, कीमत 96 हजार रुपये से अधिक
मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए संयुक्त टीम ने मानेगांव स्थित सत्यनाम ट्रेडर्स की जांच की। यहां 44 बोरी फोर्टिफाइड PDS चावल, कुल 22.67 क्विंटल, मिला। इसकी कीमत 96,348 रुपये आंकी गई। जांच टीम ने चावल जब्त कर लिया।
अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि जब्त चावल का स्रोत क्या था, उसका स्टॉक और बिक्री संबंधी रिकॉर्ड क्या कहता है तथा सरकारी खाद्यान्न की आवाजाही में किन स्तरों पर नियमों का पालन हुआ।
तीन व्यक्तियों पर FIR, जांच में जवाबदेही तय करना जरूरी
जिला आपूर्ति अधिकारी संत कुमार भलावी के अनुसार, सत्यनाम ट्रेडर्स के रविंद्र कुमार लिल्हारे, शासकीय उचित मूल्य दुकान भरवेली (शक्तिकुंज) के प्रबंधक नोकचंद गौतम और सह-विक्रेता योगेश जैतवार के विरुद्ध भरवेली थाने में FIR दर्ज की गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई नायब तहसीलदार मंजुला महोबिया, सहायक आपूर्ति अधिकारी पहल सिंह वलाडी और भरवेली थाना प्रभारी की संयुक्त टीम ने की।
अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकारी राशन की कथित अवैध बिक्री कैसे हुई और वितरण व्यवस्था की निगरानी में कोई चूक हुई या नहीं? जांच के निष्कर्ष ही इन सवालों का जवाब देंगे। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
Legal Disclaimer
This report is based on information provided by the relevant authorities. The allegations are under investigation, and the filing of an FIR does not establish guilt. All accused persons are presumed innocent unless proven guilty in a court of law. The report is intended for public awareness and responsible news reporting.