बैगा बच्चों की मौत पर अभिजीत दीपके का सरकार पर हमला, CJP ने मांगी जवाबदेही.
Abhijeet Dipke Attacks Government Over Baiga Children’s Deaths, CJP Demands Accountability.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल। बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांवों में बच्चों की बीमारी और मौतों के बीच कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे। वे अपने युवा समर्थकों के साथ संक्रमण प्रभावित गांवों की ओर रवाना हुए और बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया।
प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के समय पर टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाइयों की उपलब्धता और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चिंता सामने आ रही है कि कई परिवार पीने के पानी के लिए डबरों और नालों पर निर्भर हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं और दूषित पानी को लेकर सरकार पर निशाना
पत्रकारों से चर्चा में अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और दूषित पानी के कारण मासूम आदिवासी बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं और असमय मौतों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने इन परिस्थितियों के लिए जिला प्रशासन और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्याप्त दवाइयां और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि सरकार को इस संकट के लिए जिम्मेदारी तय करने में कोताही नहीं बरतनी चाहिए।
“बच्चों की मौत पर राजनीति?” सवाल पर मांगी माफी
बैगा आदिवासी परिवारों से चर्चा के बाद पत्रकारों ने अभिजीत दीपके से सवाल किया कि क्या वे बच्चों की मौत और उनके परिजनों की पीड़ा के बीच राजनीति करने के लिए बालाघाट पहुंचे हैं। उनसे यह भी पूछा गया कि वे इतने विलंब से प्रभावित क्षेत्र में क्यों पहुंचे।
इस पर दीपके ने पत्रकारों से क्षमा मांगते हुए स्वीकार किया कि उन्हें यहां आने में विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों से बातचीत के बाद उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
“जैसा संभव होगा, सीजेपी लड़ेगी लड़ाई”
एक सवाल के जवाब में अभिजीत दीपके ने कहा कि इस मामले में “जैसा भी संभव होगा, सीजेपी लड़ाई लड़ेगी।” उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाओं और मूलभूत जरूरतों को लेकर आवाज उठाने की बात कही।
इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों पर पुलिस दबाव बना रही है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बैगा अंचल में बच्चों की बीमारी और मौतों के बीच अब सवाल सिर्फ राजनीतिक दौरे का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, दवाओं और सुरक्षित पेयजल की वास्तविक उपलब्धता तथा प्रशासनिक जवाबदेही का भी है। इन आरोपों और दावों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
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