cropped-mp-samwad-1.png

नहीं मिल पा रहा है ग्रामीणों को इलाज, सामुदायिक स्वास्थ्य भवन का निर्माण होने के बावजूद भी 

0

Villagers are not able to get treatment, despite construction of community health building.

  • सामुदायिक स्वच्छता परिसर भवन का निर्माण हुआ लेकिन तालों में कैद नहीं मिल रहा ग्रामीणों को लाभ जिम्मेदार बने अनजान

विशेष संवाददाता 

कटनी /स्लीमनाबाद । जिम्मेदारों के लापरवाही की वजह से ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है लाभ जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत बहोरीबंद अंतर्गत  ग्राम पंचायत में स्वच्छता परिसर का निर्माण होने के बाद से ही ताला लगा हुआ है। लगभग 2 वर्ष हो गए अब तक सामुदायिक स्वच्छता परिसर शुरू नही किया गया है। जिसकी वजह से गांव के ग्रामीण स्वच्छता परिसर का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब से स्वच्छता परिसर का निर्माण हुआ है तभी से स्वच्छता परिसर में ताला लगा दिया गया है। जिसके कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है और गांव में गंदगी फैल रही है। जिससे ग्रामीणों को बीमार होने का खतरा भी बना रहता है। स्वच्छता परिसर का ताला न खुलने के कारण यहां आसपास गंदगी पसरी रहती है। इस ओर जिम्मेदार लोगों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

4 लाख 50 हजार रुपये से हुआ है निर्मित-

ग्राम पंचायत स्लीमनाबाद मैं सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य 4 लाख 50 हजार रुपये की राशि से हुआ है। इसमें 50 हजार रुपये विधायक निधि के भी सम्मिलित है तथा शेष मनरेगा व स्वच्छ भारत मिशन की राशि है। लेकिन जिला पंचायत के द्वारा जिस उद्देश्य को लेकर सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण कार्य कराया गया वह पूरा होते हुए नही दिख रहा है। इस संबंध मे स्वच्छ भारत मिशन के ब्लाक समन्वयक नवीन साहू ने बताया की कुछ स्थानों पर अब भी पानी की उपलब्धता बाकी है। साथ ही सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का संचालन कैसे हो इस पर निर्णय नही बन पा रहा है। स्लीमानाबाद का सामुदायिक स्वच्छता परिसर जल्द से जल्द चालू हो इसके लिए प्रयास जारी है। अब देखना यह होगा कि यह प्रयास कब तक सफल हो पता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.