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बारिश आई और बह गए दावे, कटनी की सड़कें बनीं तालाब.

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Rain Arrived, Promises Washed Away: Katni’s Streets Turned Into Ponds.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। मानसून की शुरुआती बारिश ने ही कटनी नगर निगम की तैयारियों और दावों की हकीकत उजागर कर दी। हर वर्ष की तरह इस बार भी नाले-नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन पहली तेज बारिश ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी।

पहली बारिश में जलमग्न हुईं कई कॉलोनियां

बारिश के बाद शहर की कई निचली बस्तियां जलमग्न हो गईं। सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं और लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नगर निगम द्वारा मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें और सफाई अभियान चलाने के दावे किए गए थे, लेकिन उनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दिया।

कुठला, कुशवाहा नगर, चंडिका नगर, अहमदनगर, कटाएघाट, औद्योगिक क्षेत्र कटाएघाट तथा माँ मेडिकल के आसपास सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर कीचड़, गड्ढों में भरा पानी और जाम नालियों ने नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दीं।

नागरिक बोले— टैक्स पूरा, सुविधाएं अधूरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से नगर निगम को करों का भुगतान करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।

नागरिकों के अनुसार कई इलाकों में समय पर नालियों की सफाई नहीं हुई, जबकि कुछ स्थानों पर आज तक नालियों का निर्माण ही नहीं कराया गया। परिणामस्वरूप बारिश और गंदे पानी का बहाव सीधे सड़कों पर होता रहा।

मंगल नगर पुलिया भी जलभराव की चपेट में

मंगल नगर पुलिया सहित शहर के कई हिस्सों में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं सड़कों पर फैली कीचड़ और गंदगी ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों में कचरा जमा होने और नियमित सफाई नहीं होने से पानी की निकासी बाधित हुई, जिससे जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई।

करोड़ों रुपये खर्च, फिर भी हर साल वही तस्वीर

शहर के विकास, सड़क निर्माण, नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद मानसून की पहली बारिश में ही व्यवस्थाएं चरमराती नजर आईं।

कई स्थानों पर अधूरे सीवरेज कार्य और क्षतिग्रस्त सड़कें भी लोगों की परेशानी का कारण बनीं। नागरिकों ने नगर निगम से स्थायी समाधान, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

उठ रहे हैं कई सवाल

  • यदि नालों की सफाई समय पर हुई थी, तो पहली बारिश में जलभराव क्यों हुआ?
  • करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें और जल निकासी व्यवस्था पहली ही बारिश में क्यों फेल हो गई?
  • हर वर्ष दोहराई जाने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?

शहरवासियों को अब उम्मीद है कि नगर निगम केवल दावों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करेगा, ताकि हर मानसून में होने वाली इस परेशानी से उन्हें राहत मिल सके।

Declaration – यह समाचार क्षेत्र में हुई वर्षा के दौरान दिखाई दी वास्तविक परिस्थितियों, स्थानीय नागरिकों से प्राप्त जानकारी तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार का उद्देश्य जनहित में नगर निकाय की मानसून पूर्व तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति को सामने लाना है। यदि नगर निगम, संबंधित विभाग या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी का इस संबंध में कोई आधिकारिक पक्ष, स्पष्टीकरण या अतिरिक्त तथ्य प्राप्त होते हैं, तो MP संवाद समाचार उन्हें भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित करेगा।

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