विदिशा में हेल्थ सेक्टर पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक! निजी अस्पताल का संचालन बंद.
Major Surgical Strike on Vidisha’s Health Sector! Private Hospital Ordered to Shut Down.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार | विदिशा, विदिशा जिले में निजी अस्पतालों पर निगरानी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिरोंज स्थित संजीवनी हॉस्पिटल का पंजीयन एवं अनुज्ञापन (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि अस्पताल के संचालक के विरुद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने तथा लाइसेंस की शर्तों एवं संबंधित नियमों के पालन पर प्रश्न खड़े होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
आपराधिक प्रकरण के बाद गिरी कार्रवाई की गाज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), विदिशा द्वारा 4 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अस्पताल संचालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध है। आदेश में उल्लेख है कि संचालक न्यायिक अभिरक्षा में है तथा अस्पताल का संचालन और प्रबंधन निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं पाया गया।
CMHO ने माना कि ऐसी स्थिति मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 एवं नियम, 1997 (संशोधित 2021) के अनुरूप नहीं है।
तत्काल प्रभाव से निरस्त हुआ लाइसेंस
आदेश के अनुसार, संजीवनी हॉस्पिटल, छत्री नाका, आरोन रोड, सिरोंज का—
- पंजीयन क्रमांक NH/2885/APR-2021
- अनुज्ञापन क्रमांक LL/2925/APR-2021
जो 31 मार्च 2027 तक वैध था, उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
कई अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि
कार्रवाई की सूचना निम्न अधिकारियों को भी भेजी गई है—
- कलेक्टर, विदिशा
- पुलिस अधीक्षक, विदिशा
- अपर संचालक (विनियमन), स्वास्थ्य सेवाएं
- एसडीओपी, सिरोंज
- थाना प्रभारी, सिरोंज
- संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी
क्या कहता है कानून?
स्वास्थ्य विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थान का संचालक गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है अथवा अधिनियम एवं लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं करता, तो सक्षम प्राधिकारी को पंजीयन और अनुज्ञापन निरस्त करने का अधिकार है।
बड़ा सवाल
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिले के अन्य निजी अस्पतालों की भी इसी प्रकार व्यापक जांच होगी? क्या लाइसेंस की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा?
