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नकली सिम का गढ़ बना विंध्य, ऑपरेशन FAST: सिंडिकेट की जड़ें उखाड़ने में जुटी पुलिस.

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Police crackdown on fake SIM card syndicate in Vindhya region under Operation FAST, Madhya Pradesh

Vindhya Becomes Hub of Fake SIMs, Operation FAST: Police Cracking Down on the Syndicate’s Roots.

Shobhit Chaturvedi, Cyber Security Expert, Bhopal, MP Samwad.

Vindhya region has emerged as a hotspot for fake SIM card syndicates fueling interstate and international cyber frauds. Under Operation FAST, Madhya Pradesh Police has launched a crackdown, exposing POS centers misusing biometric data. Arrests, seizures, and strict monitoring mark the state’s fight against cyber crime.

MP संवाद, भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्रामीण तेजी से ऐसे बहुस्तरीय रैकेट के शिकार हो रहे हैं, जो उनकी पहचान और अंगूठे के निशान का दुरुपयोग कर नकली सिम कार्ड जारी कर रहे हैं। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल कंबोडिया और थाईलैंड जैसे देशों से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय साइबर गैंग कर रहे हैं।


ऑपरेशन FAST में बड़ा खुलासा

राज्य पुलिस के ऑपरेशन FAST (Forged-Activated-SIM-Termination) के दौरान सामने आया कि पीओएस (प्वाइंट-ऑफ-सेल) ऑपरेटर ग्रामीणों से बार-बार अंगूठे का निशान लेकर दर्जनों फर्जी सिम कार्ड निकालते हैं।
अब तक 20 जिलों में 94 पीओएस और एजेंटों पर 50 एफआईआर, 44 गिरफ्तारियां, 100 फर्जी सिम कार्ड और 7 मशीनें जब्त हुईं।


बायोमेट्रिक डेटा की खुली चोरी

ग्रामीणों को बहाना बनाया जाता है कि उनका अंगूठा ठीक से स्कैन नहीं हुआ। इस दौरान लिए गए फिंगरप्रिंट से बार-बार सिम एक्टिवेट कर ठगों तक पहुंचा दिए जाते हैं। कई मामलों में स्थानीय लोग लालच में अपने रिश्तेदारों को भी पीओएस पर लाते हैं, जिनकी पहचान का दुरुपयोग कर गैंग नकली सिम बनाते हैं।


विंध्य क्षेत्र बना हॉटस्पॉट

रीवा, सीधी, सतना, कटनी और उमरिया जिलों में नकली सिम कार्ड का सबसे बड़ा नेटवर्क सामने आया है। अकेले सीधी जिले से करीब 1000 फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए। विंध्य पहले से हवाला, जासूसी और साइबर धोखाधड़ी के लिए कुख्यात रहा है।


राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा

यह सिर्फ फर्जी सिम कार्ड का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ग्रामीणों की पहचान पर सीधा हमला है। पुलिस अब सेलुलर कंपनियों के कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

साइबर सेल की चेतावनी – ग्रामीण बार-बार अंगूठा स्कैन कराने से बचें और सवाल पूछें। वरना उनकी पहचान साइबर अपराधियों के हाथ में हथियार बन सकती है।

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