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विदिशा में प्रसव के नाम पर वसूली, सड़क पर जननी, नोटिस जारी.

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Woman forced to deliver baby on road in Vidisha due to hospital negligence and extortion, exposing corruption in healthcare services

Extortion in the Name of Delivery in Vidisha, Woman Forced to Give Birth on Road, Notices Issued.

Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad

Vidisha’s government hospitals have turned into centers of negligence and corruption. A woman gave birth on the road after finding the hospital locked, while another family was forced to pay ₹1,800 for delivery. Notices have been issued to doctors and staff, exposing the grim reality of healthcare exploitation.

MP संवाद, विदिशा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। यहां के सरकारी अस्पताल गरीब और लाचार मरीजों के लिए राहत का नहीं, बल्कि लूट और शर्मिंदगी का अड्डा बन चुके हैं। लटेरी से शमशाबाद तक हालात ऐसे हैं कि कहीं डिलीवरी के नाम पर खुलेआम पैसों की वसूली हो रही है, तो कहीं अस्पताल बंद मिलने और एंबुलेंस न मिलने के कारण महिलाओं को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ रहा है।

अस्पताल में ताला, सड़क पर डिलीवरी

शमशाबाद क्षेत्र के PHC बरखेड़ा जागीर अस्पताल का हाल चौंकाने वाला है। 27 वर्षीय ममता बाई जब डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंचीं, तो गेट पर ताला लटका मिला और एंबुलेंस भी नदारद थी। मजबूर परिजन महिला को मोटरसाइकिल पर भटकाते रहे और आखिरकार गिरधर मार्केट की सड़क पर ही बच्चे का जन्म हो गया। राहगीरों की मदद से जच्चा-बच्चा को एक लोडिंग वाहन में अस्पताल पहुंचाया गया। गनीमत रही कि दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन यह तस्वीर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की असली पोल खोल देती है।

लटेरी: डिलीवरी के नाम पर वसूले 1800 रुपये

लटेरी स्वास्थ्य केंद्र से और भी शर्मनाक मामला सामने आया। बंजारा समाज की एक गर्भवती महिला को डिलीवरी करानी थी, लेकिन नर्सों और कर्मचारियों ने खुलेआम 1800 रुपये की मांग कर दी। मजबूरी में गरीब परिवार को चांदी बेचकर पैसे जुटाने पड़े। पैसा सीधे स्टाफ की जेब में गया, जबकि हकीकत यह है कि सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी पूरी तरह निःशुल्क होती है।

कार्रवाई या खानापूर्ति?

बरखेड़ा जागीर अस्पताल में तालेबंदी के मामले में एक डॉक्टर सहित पांच कर्मचारियों को नोटिस थमा दिया गया है। वहीं लटेरी अस्पताल में अवैध वसूली पर नर्सों व कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस दिया गया। लेकिन सवाल यह है कि क्या नोटिस से भ्रष्टाचार रुकेगा या कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति है?

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