36 मौतें, 52 आरोपी और कई सवाल: सागर शराब कांड की पूरी कहानी.
36 Deaths, 52 Accused and Many Questions: The Full Story of the Sagar Liquor Tragedy.

Special Correspondent, Sagar, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, सागर/भोपाल। सागर जिले के बंडा–शाहगढ़ क्षेत्र में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा 36 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामला केवल अवैध शराब बेचने तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके पीछे कथित निर्माण, कच्चे माल की आपूर्ति और वितरण का नेटवर्क भी जांच के दायरे में आता जा रहा है।
मुरैना से आया फॉर्मूला, सागर में तैयार हुई कथित जहरीली शराब
पुलिस जांच के मुताबिक मुरैना के बानमोर क्षेत्र से कथित तौर पर जहरीली शराब बनाने का फॉर्मूला सागर लाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार 3 सितंबर को कथित रूप से तैयार शराब का परीक्षण किया गया। इसके बाद इसे पीने वालों की तबीयत बिगड़ी और एक व्यक्ति की मौत होने तथा दूसरे की आंखों की रोशनी जाने की बात जांच में सामने आई है। इसके बावजूद शराब के बाजार में पहुंचने का आरोप है।
यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शुरुआती स्तर पर शराब के जहरीले होने की जानकारी सामने आ गई थी, तो उसकी सप्लाई रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
52 आरोपी, दिल्ली तक पहुंचा कथित केमिकल सप्लाई लिंक
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपितों की संख्या 52 तक पहुंच गई है। जांच में बड़ी संख्या में खाली प्लास्टिक बोतलें, बोतल बनाने की मशीनें, कैप्सूल, तैयार बोतलें और सीलिंग मशीन जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार शराब में इस्तेमाल किए गए कथित औद्योगिक रसायन की सप्लाई का लिंक दिल्ली की एक केमिकल फर्म तक पहुंचा है।
यानी जांच का दायरा अब स्थानीय शराब बिक्री से आगे बढ़कर कच्चा माल–निर्माण–बोतलिंग–सप्लाई–बिक्री की पूरी श्रृंखला तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
36 मौतें, अब जवाबदेही पर सबसे बड़ा सवाल
इतनी बड़ी जनहानि के बाद केवल आरोपितों की गिरफ्तारी पर्याप्त है या नहीं, यह अलग सवाल है। जनता के सामने यह स्पष्ट होना जरूरी है कि कथित जहरीली शराब बाजार तक किस स्तर पर पहुंची, निगरानी तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी और संबंधित विभागों की नियमित जांच व्यवस्था ने क्या काम किया।
सागर की घटना ने मध्यप्रदेश में अवैध और मिलावटी शराब की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच एजेंसियों से यह अपेक्षा होगी कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के आरोपितों तक सीमित न रहे और कथित सप्लाई चेन में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर सामने लाई जाए।
Legal Disclaimer: The allegations and investigative details reported here are based on available police statements and media reports; guilt is subject to judicial determination.