MP SAMVAAD LOGO 2

UPI को ‘ना’! 23 सितंबर को No UPI Day, इंदौर के बाद जबलपुर में भी विरोध तेज.

0

No to UPI! ‘No UPI Day’ on September 23, Protests Intensify in Jabalpur After Indore.

No UPI Day protest against UPI merchant charges in Indore and Jabalpur
23 सितंबर के ‘No UPI Day’ के समर्थन में जबलपुर में सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन और विरोध की घोषणा।

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Bhopal, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, इंदौर/जबलपुर डिजिटल भुगतान व्यवस्था में प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर मध्यप्रदेश में विरोध के स्वर तेज होते दिखाई दे रहे हैं। इंदौर के व्यापारिक संगठनों ने 23 सितंबर 2026 को ‘No UPI Day’ मनाने का ऐलान किया है। वहीं जबलपुर में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित विभिन्न जनसंगठनों ने प्रदर्शन कर UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया और प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

इंदौर में 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों के इस अभियान में शामिल होने की रिपोर्ट है। व्यापारियों ने 23 सितंबर को UPI स्कैनर और भुगतान उपकरणों को काले कपड़े से ढककर विरोध दर्ज कराने की घोषणा की है।

जबलपुर में प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

19 सितंबर को जारी पत्र के अनुसार, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, सीनियर सिटीजन वेलफेयर संघ, महिला समिति, भारतीय मानव अधिकार क्रांति संगठन और पेंशनर्स समाज से जुड़े सदस्यों ने घंटाघर के पास प्रदर्शन किया।

संगठन की ओर से कहा गया कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI व्यापारी भुगतानों पर MDR लागू होने से व्यापारियों और आम नागरिकों पर असर पड़ सकता है। ज्ञापन में इसे डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बताते हुए प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की गई है।

हालांकि, यह संगठन का पक्ष है। सरकार की 15 सितंबर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, MDR उपभोक्ताओं से सीधे वसूल किया जाने वाला सरकारी शुल्क या टैक्स नहीं है। सरकार ने कहा है कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI लेनदेन किसी भी राशि पर मुफ्त रहेंगे और 2,000 रुपये तक के पात्र व्यापारी लेनदेन भी मुफ्त रहेंगे।

₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर क्या बदलेगा?

NPCI के नए ढांचे के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से निर्धारित श्रेणी के Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन बताई गई है। यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर लागू होगा, ग्राहक से अलग UPI शुल्क के रूप में नहीं।

आवश्यक और कम-मार्जिन वाले क्षेत्रों—जैसे ईंधन, रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और कृषि इनपुट—में ₹2,000 से अधिक के लेनदेन के लिए ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि लगभग 96% P2M UPI लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।

जबलपुर के प्रदर्शन में हालांकि इस अतिरिक्त लागत को लेकर व्यापक चिंता जताई गई है। ज्ञापन में पेट्रोल जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए प्रति लेनदेन अतिरिक्त लागत और उसके संभावित प्रभाव का मुद्दा उठाया गया है।

इंदौर से जबलपुर तक बढ़ा विरोध, 23 सितंबर पर नजर

इंदौर में ‘No UPI Day’ के दौरान व्यापारियों द्वारा UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और QR कोड/स्कैनर ढकने की योजना है। रिपोर्टों के मुताबिक कपड़ा, सराफा, किराना, अनाज, प्लाईवुड और अन्य व्यापारिक संगठनों के साथ अभियान को समर्थन मिला है।

इस बीच जबलपुर में जनसंगठनों का प्रदर्शन बताता है कि मुद्दा केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं पर सीधे UPI शुल्क नहीं लगाया जाएगा और अधिकांश व्यापारी लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे, वहीं दूसरी तरफ व्यापारिक एवं नागरिक संगठनों ने MDR के संभावित आर्थिक प्रभाव को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है।

अब 23 सितंबर को इंदौर के बाजारों में ‘No UPI Day’ कितना व्यापक रहता है और इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर व्यापारिक संगठनों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

Legal Disclaimer: This report includes claims and concerns attributed to trader and civic organisations. Official UPI rules and charges should be read as notified by competent authorities.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.