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सतना-मैहर से शुरू हुई जांच: धान घोटाले की परतें खुलने लगीं.

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Investigation from Satna-Mahar reveals a deep-rooted rice scam, exposing corruption in government procurement. Swift actions are underway to combat fraudulent practices.

Image showing rice sacks and evidence of adulteration in government procurement.

Investigation reveals fraudulent practices in rice procurement from Satna-Mahar.

Investigation Begins from Satna-Mahar: Layers of the Rice Scam Start to Unfold.

A sweeping investigation starting from Satna-Mahar reveals shocking layers of rice scam involving adulteration, misappropriation, and fraudulent procurement practices. Authorities are probing irregularities in government rice procurement at multiple centers. Stakeholders face potential arrests as evidence surfaces. This uncovering exposes deep-rooted corruption in the state’s rice supply chain, prompt action.

Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान में बड़े स्तर पर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सरकार ने इस घोटाले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को सौंप दी है। बीते 15 दिनों में सतना-मैहर समेत राज्य के कई जिलों से धान उपार्जन केंद्रों पर गड़बड़ी के प्रमाण मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।

ईओडब्ल्यू ने पंचनामा की कार्रवाई की, प्रकरण तैयार

रिपोर्ट के मुताबिक, ईओडब्ल्यू ने मामले में पंचनामा तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि इसमें गोदाम संचालक, सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक और सर्वेयर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी। हालाँकि, अभी तक अन्य समितियों की जांच पूरी नहीं हो पाई है।

कनक वेयर हाउस कोठी में सत्यापन

रीवा से आई टीम ने बुधवार को कनक वेयर हाउस कोठी में धान उपार्जन वर्ष 2024-25 के दौरान धान खरीदी और संधारण से जुड़ी शिकायतों का भौतिक सत्यापन किया। यह कार्रवाई वेयर हाउस संचालक शांतनु तिवारी की उपस्थिति में हुई। यहाँ सेवा सहकारी समिति हिरौंदी और पिण्डरा द्वारा उपार्जित धान को भंडारित किया गया था।

धान में भूसी और मिट्टी की मिलावट

दस्तावेजों के अनुसार, वेयर हाउस में कुल 85,340 बोरी धान भंडारित थी, जिसमें से अब तक 48,250 बोरी धान मिलर को सप्लाई की जा चुकी है। शेष 37,909 बोरियों की जांच के दौरान पाया गया कि हिरौंदी समिति द्वारा जमा की गई धान की गुणवत्ता बेहद खराब है—कई बोरियों में भूसी और मिट्टी की मिलावट मिली।

ईओडब्ल्यू की टीम ने की वीडियोग्राफी

गड़बड़ी का प्रमाण मिलने पर ईओडब्ल्यू टीम ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई। वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया और साफ निर्देश दिए गए कि खराब गुणवत्ता वाली बोरियों को गोदाम से बाहर न ले जाया जाए।

मैहर का मनकीसर भी जांच के दायरे में

बताया जा रहा है कि मैहर जिले के मनकीसर क्षेत्र में भी करीब 4,200 क्विंटल धान जमा नहीं कराई गई है, जिसकी पुष्टि नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा की जा चुकी है। इस मामले में समिति प्रबंधक, ऑपरेटर और बिचौलिये के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।

लगातार चल रही छानबीन

रीवा और इंदौर से आई टीमें पिछले 48 घंटे से सतना और मैहर के गोदामों की जांच कर रही हैं। इन गोदामों के अलावा, कुछ अन्य स्थानों पर भी टीम ने वेयर हाउसिंग के प्रबंधक आर.के. शुक्ला और डीएम नान पंकज बोरसे के साथ दौरा किया। टीम धान खरीदी के पूरे सिस्टम की सटीक जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार कर रही है, और जल्द ही कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।

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