देखते ही देखते धधक उठा प्लांट, 6 दमकल गाड़ियां भी पसीना-पसीना.
The Plant Went Up in Flames Within Moments; Even Six Fire Engines Struggled to Bring the Blaze Under Control.

Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार को एक प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। धार रोड स्थित नवादा पंथ औद्योगिक क्षेत्र में संचालित प्लास्टिक दाना निर्माण इकाई में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी भयंकर थी कि लपटें करीब 20 फीट तक आसमान में उठती दिखाई दीं, जबकि कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार नजर आता रहा।
आग की भयावहता देख लोगों में मची अफरा-तफरी
फैक्ट्री से उठती ऊंची लपटों और घने धुएं को देखकर आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
करोड़ों रुपये का प्लास्टिक दाना जलकर खाक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में फैक्ट्री में रखा करोड़ों रुपये मूल्य का प्लास्टिक दाना और अन्य कच्चा माल जलकर नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। प्रशासन और दमकल विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
ड्यू ड्रॉप इरिगेशन के नाम से संचालित है फैक्ट्री
बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री ड्यू ड्रॉप इरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित होती है। इसके संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी बताए जा रहे हैं। यह औद्योगिक इकाई पिछले लगभग तीन वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है।
छह दमकल गाड़ियां मौके पर, आग बुझाने में जुटे फायर कर्मी
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं। देर रात तक आग बुझाने का अभियान जारी रहा।
बड़ा सवाल: औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत?
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
बड़ा सवाल…
इंदौर जैसे तेजी से औद्योगिक विस्तार कर रहे शहर में फैक्ट्री सुरक्षा केवल कागजी औपचारिकता बनकर न रह जाए, इसके लिए प्रशासन को नियमित निरीक्षण और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। करोड़ों की क्षति के साथ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविकता उजागर करता है.