Avil इंजेक्शन बना नशे का हथियार, गुना में पुलिस की बड़ी कार्रवाई.
Avil Injection Turned into a Weapon of Addiction, Major Police Crackdown in Guna.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Guna, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, गुना। गुना जिले को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कैंट थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 225 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए हैं। यह खेप शहर के युवाओं तक नशे के रूप में पहुंचाई जानी थी।
यह कार्रवाई हितिका वासल के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने में जुटी है कि यह नशीला माल कहां से लाया गया और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जानी थी।
खाली मैदान में हो रही थी सौदेबाजी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
कैंट थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सिंगवासा क्षेत्र स्थित गुप्तगंगा रोड के एक खाली मैदान में दो युवक संदिग्ध अवस्था में मौजूद हैं। उनके पास एक कार्टन और बैग में बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन रखे हुए थे और वे इन्हें बेचने की तैयारी कर रहे थे।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप कुमार भार्गव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चारों ओर से घेराबंदी कर दी।
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
पुलिस टीम को देखकर दोनों युवक मौके से भागने लगे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उन्हें तुरंत पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- सुनील गौड़
- विशाल धाकड़
के रूप में हुई है।
बैग और कार्टन से निकले 225 फिनिरामाइन (एविल) इंजेक्शन
तलाशी के दौरान पुलिस ने बैग और कार्टन से 9 पैकेटों में रखे कुल 225 फिनिरामाइन मैलिएट (Avil) इंजेक्शन बरामद किए। Pheniramine Maleate सामान्यतः एलर्जी के उपचार में प्रयुक्त होती है, लेकिन दुरुपयोग की स्थिति में इसे अन्य पदार्थों के साथ नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
कोई दस्तावेज नहीं, सीधे दर्ज हुआ मामला
पूछताछ के दौरान आरोपी इंजेक्शनों के भंडारण, परिवहन या बिक्री से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने पूरी खेप जब्त कर ली और दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
कैंट थाने में अपराध क्रमांक 348/2026 के तहत मध्यप्रदेश ड्रग्स कंट्रोल अधिनियम की धारा 5/13 में मामला दर्ज किया गया है।
अब सप्लाई नेटवर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि:
- यह प्रतिबंधित इंजेक्शन कहां से लाए गए,
- इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं,
- और शहर में किन युवाओं या गिरोहों तक इसकी सप्लाई की जानी थी।
जांच के दायरे में संभावित खरीदारों और पूरे नेटवर्क को शामिल किया गया है।
एडिशनल एसपी का बयान
एडिशनल एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से नशीले इंजेक्शन बरामद किए। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
गुना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशे का अवैध कारोबार संचालित हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि समाज को नशे के जाल से बचाने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।