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क्या अपने हक की मांग करना भीख मांगना है? कांग्रेस ने भाजपा को घेरा.

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भाजपा सरकार में महिलाओं, किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर कांग्रेस का हल्ला बोल! कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब, प्रदर्शन की तैयारी।

कांग्रेस नेताओं की प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर उठाए गए सवाल

महिला अपमान, किसान हक और स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

Is asking for one’s rights considered begging? Congress cornered BJP.

Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.

कटनी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं। उन्होंने कहा कि जब 1 करोड़ 29 लाख बहनों ने अपनी मेहनत की कमाई पर अधिकार मांगा, तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल और उनकी पार्टी ने उन्हें भिखारी कहकर अपमानित किया।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अपने अधिकार मांगना महिलाओं के लिए अपमानजनक हो गया है? मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री प्रह्लाद पटेल को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर प्रदेश विकसित हो चुका होता, तो जनता बार-बार आवेदन लेकर अपने हक की मांग करने के लिए मजबूर क्यों होती?

बीजेपी सरकार में महिलाओं का अपमान – मिथिलेश जैन

जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पार्षद मिथिलेश जैन ने कहा कि बीजेपी सरकार और मंत्री प्रह्लाद पटेल को जवाब देना चाहिए कि वे महिलाओं को सशक्त बनाने के बजाय उनका अपमान क्यों कर रहे हैं?

उन्होंने सवाल किया कि गरीब, किसान, छात्र, दिव्यांग और बुजुर्गों की समस्याओं का समाधान कब होगा? बीजेपी सरकार को बताना चाहिए कि 20 साल में मध्य प्रदेश को गरीबी और भ्रष्टाचार के अलावा क्या मिला.

स्वास्थ्य सेवाएं बर्बादी की कगार पर – रमाकांत पाठक

जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पंडित रमाकांत पाठक ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं।

  • अस्पतालों में न डॉक्टर हैं, न दवाइयाँ उपलब्ध हैं।
  • मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा, वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
  • दवाओं की भारी कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 18 साल की शिवराज सरकार और अब मोहन यादव सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएँ बद से बदतर हो चुकी हैं।

क्या किसान अपना हक मांगे तो भीख कहलाएगा? – गुमान सिंह

जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर गुमान सिंह ने सवाल उठाया कि अगर किसान अपने हक की मांग करें तो क्या उसे भीख मांगना कहा जाएगा?

उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • सरकार ने किसानों को कोई राहत नहीं दी।
  • किसान खाद-बीज के लिए भटक रहे हैं, उन्हें पर्याप्त संसाधन नहीं मिल रहे।
  • कर्ज के बोझ तले दबे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।

उन्होंने पूछा, “क्या भाजपा द्वारा किए गए वादे – ₹2700 गेहूं, ₹3100 धान और ₹6000 सोयाबीन का हक मांगना भीख कहलाता है?”

महिलाओं के अधिकारों पर हमला – रजनी वर्मा

जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं का अपमान कर उनके अधिकार छीनने की साजिश कर रही है।

  • लाड़ली बहना योजना के तहत 3000 रुपये देने का वादा किया गया, लेकिन पहले ₹1000, फिर ₹1250 मिले।
  • अब धीरे-धीरे योजना से महिलाओं को अपात्र बताकर बाहर किया जा रहा है।
  • महिलाओं का भविष्य अंधकार में डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें ‘भिखारी’ बताकर उनका मनोबल तोड़ने में लगी है।

कांग्रेस का प्रदर्शन

पत्रकार वार्ता में बताया गया कि 6 मार्च को ब्लॉक स्तर पर और 8 मार्च को मुख्यालय में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके बाद ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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