दिन में खनन, रात में परिवहन! बरही में रेत के खेल पर सवालों की बौछार.
Mining by Day, Transportation by Night! Questions Mount Over the Sand Trade in Barhi.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी।
कटनी। जिले की बरही तहसील में कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र की नदियों से बड़े पैमाने पर बिना वैध अनुमति रेत निकाली जा रही है। इससे न केवल नदी तंत्र और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शासन को राजस्व हानि होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के दावों के बावजूद रेत का कथित अवैध कारोबार लगातार जारी है, जिससे पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर नदी तल से अत्यधिक रेत निकाले जाने के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। उनका कहना है कि इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है और भविष्य में पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि लगातार खनन से भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की आशंका बढ़ रही है।
सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहन, निगरानी पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि बरही नगर और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में रेत से भरे ट्रैक्टर और हाइवा वाहन गुजरते हैं। उनका दावा है कि इनमें से कुछ वाहन बिना वैध ट्रांजिट पास (टीपी) अथवा संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर परिवहन कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन इससे कथित अवैध कारोबार पर स्थायी रोक नहीं लग पा रही है।
ग्रामीण बोले—बन चुका है मजबूत नेटवर्क
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों का एक मजबूत नेटवर्क सक्रिय है, जिसके कारण कथित अवैध उत्खनन और परिवहन बेखौफ जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रभावी निगरानी और नियमित कार्रवाई होती, तो इस प्रकार की शिकायतें लगातार सामने नहीं आतीं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- कथित अवैध रेत उत्खनन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- नदी क्षेत्रों में नियमित निगरानी और संयुक्त निरीक्षण किया जाए।
- बिना वैध दस्तावेजों के संचालित वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- पर्यावरणीय नुकसान का वैज्ञानिक सर्वे एवं आकलन कराया जाए।
- दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहे आरोप
गौरतलब है कि जिले में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बार कार्रवाई कर वाहन जब्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का दावा है कि कथित अवैध खनन और परिवहन का सिलसिला नहीं थमा है।
अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन पर है कि क्या इस मामले में व्यापक और प्रभावी कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी केवल सीमित कार्रवाई तक सिमट जाएगा।
खनिज अधिकारी का पक्ष
जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने कहा—
“रेत के अवैध उत्खनन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। संभव है कि रेत पास के जिले उमरिया से आ रही हो। यदि कहीं भी अवैध उत्खनन या परिवहन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
संपादकीय टिप्पणी.
यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, उपलब्ध जानकारी और संबंधित अधिकारी के आधिकारिक पक्ष पर आधारित है। यदि भविष्य में संबंधित विभाग या अन्य पक्ष की ओर से अतिरिक्त तथ्य या स्पष्टीकरण प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
