SIT का शिकंजा कसता जा रहा… अब बड़े मिलर्स और एथेनॉल प्लांट रडार पर!
SIT Tightens the Noose: Major Rice Millers and Ethanol Plant Under the Radar!

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट। बालाघाट के बहुचर्चित सरकारी चावल हेराफेरी प्रकरण में विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मामले में पहले संचेती राइस मिल के संचालक सौरभ संचेती के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब गंभीर संचेती को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब एथेनॉल प्लांट और राइस मिलर्स भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब एथेनॉल प्लांट के मालिक, मैनेजर, प्रतिनिधियों के साथ-साथ बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा के कई राइस मिलर्स भी जांच के दायरे में आ चुके हैं। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं। सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
रिमांड में हुए अहम खुलासे
पुलिस रिमांड पर चल रहे एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि और सुपरवाइजर से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इन जानकारियों के आधार पर जांच अब केवल मिलर्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी SIT
एसआईटी अब सरकारी चावल के आवंटन से लेकर परिवहन, भंडारण और अंतिम उपयोग तक की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। परिवहन रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेज, जीपीएस डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी चावल की हेराफेरी किस स्तर पर और किन लोगों की मिलीभगत से हुई।
बढ़ सकती है आरोपियों की संख्या
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आ रहे हैं, आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। यदि पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों में अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि होती है, तो उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
नोट: यह समाचार उपलब्ध पुलिस कार्रवाई, आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त इनपुट पर आधारित है। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होंगे।