विदिशा शिक्षा विभाग में बगावत! कर्मचारियों ने खोला प्रताड़ना का मोर्चा.
Rebellion in Vidisha Education Department! Employees Open Front Against Alleged Harassment.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, विदिशा। विदिशा जिले की शिक्षा व्यवस्था में उस समय हलचल मच गई जब जिले के जन शिक्षकों ने जिला परियोजना समन्वयक (DPC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंप दिया। ज्ञापन में जन शिक्षकों ने मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए साफ कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में काम करना उनके लिए असंभव होता जा रहा है।
“99 प्रतिशत काम पूरा, फिर भी 100 प्रतिशत का दबाव”
ज्ञापन में दावा किया गया है कि जन शिक्षक शासन द्वारा सौंपे गए अधिकांश कार्य समय पर पूरा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन पर लगातार 100 प्रतिशत उपलब्धि का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों का आरोप है कि व्यावहारिक कठिनाइयों को नजरअंदाज कर उन्हें लगातार जवाबदेही के नाम पर दबाव में रखा जा रहा है।
वेतन और एरियर पर भी उठे सवाल
जन शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि मई 2026 का वेतन समय पर जारी नहीं हुआ, जबकि कई कर्मचारियों के क्रमोन्नति एरियर का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। उनका कहना है कि वेतन में लगातार देरी के कारण परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और बैंक EMI तक प्रभावित हो रही है।
“कार्यशैली से गिर रहा कर्मचारियों का मनोबल”
ज्ञापन में कहा गया है कि जिला परियोजना समन्वयक की कार्यशैली के कारण कर्मचारियों में तनाव और असंतोष बढ़ रहा है। जन शिक्षकों का दावा है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
सामूहिक त्यागपत्र की चेतावनी
ज्ञापन में जन शिक्षकों ने मांग की है कि उन्हें तत्काल जन शिक्षक पद से कार्यमुक्त कर मूल संस्थानों में वापस भेजा जाए अथवा संबंधित अधिकारी के कार्यकाल और कार्यशैली की प्रशासनिक जांच कराई जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक त्यागपत्र देने को मजबूर होंगे।
शिक्षा विभाग में बढ़ता असंतोष, प्रशासन के सामने चुनौती
जन शिक्षकों के इस सामूहिक विरोध ने शिक्षा विभाग में प्रशासनिक प्रबंधन और कर्मचारी संतुष्टि को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन आरोपों की जांच कर क्या कदम उठाता है।
फिलहाल, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।