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एक अप्रैल से रजिस्ट्री में गवाहों की नहीं पड़ेगी जरूरत, आधार से नाम लेगा साफ्टवेयर

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There will be no need of witnesses in the registry from April 1, software will take names from Aadhar

  • एक अप्रैल से लागू होगा रजिस्ट्री का संपदा टू साफ्टवेयर
  • मोबाइल एप से मिलने लगेगी प्रॉपर्टी की जानकारी

भोपाल। लंबे समय से ट्रायल पर चल रहे संपदा टू के साफ्टवेयर को एक अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गवाहों को पंजीयन दफ्तर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके आधार से ही फोटो अपलोड हो जाएगा। इसके साथ वेब जीआइएस की मदद से मोबाइल पर ही प्रॉपर्टी की कलेक्टर गाइडलाइन में प्रॉपर्टी के रेट देखे जा सकेंगे। राजधानी सहित प्रदेश में नए वित्तिय वर्ष एक अप्रेल से इसे शुरू किया जाएगा। इसमें सर्च, ई रजिस्ट्रेशन, सर्च एंड सर्टिफाइड कॉपी भी आसान हो जाएगी।

रजिस्ट्री में संपदा टू लागू होने से गवाहों की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार से फोटो और नाम लिए जाएंगे। मोबाइल पर वेब जीआइएस की मदद से प्रॉपर्टी की गाइडलाइन देख सकेंगे। इसके साथ गूगल से ऐप डाउनलोड कर मौके पर खड़े होकर वहां की गाइडलाइन का पता कर सकेंगे। प्रॉपर्टी को बैंक में बंधक बनाने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर काटने नहीं होंगे। इसके लिए चार विभागों के अफसरों को रजिस्ट्रार के अधिकारी दिए जा रहे हैं। इसमें हाउसिंग बोर्ड, उद्योग विभाग, मप्र स्टेट इलेक्ट्रोनिक्स डेवलपमेंट कॉपोर्रेशन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम शामिल है।

एक क्लिक पर मिलेगी रजिस्ट्री का डेटा

एक क्लिक पर रजिस्ट्री की जानकारी मिल जाएगी। इससे बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कसा जा सकेगा। प्रॉपर्टी की आइडी होने से उसमें कॉर्नर का प्लॉट है, उसकी कलेक्टर गाइडलाइन क्या है। लोकेशन सब उसमें रहेगी। ऐसे में स्टांप की चोरी रुकेगी, सर्विस प्रोवाइडर के यहां होने वाली लंबी चौड़ी लिखापढ़ी भी कम होगी। रजिस्ट्री के बाद नगर निगम में मैसेज जाएगा, जिससे नामांतरण की प्रक्रिया भी आसानी से होगी।

एक अप्रैल से लागू करेंगे

महानिरीक्षक पंजीयन एम सेलवेंद्रम ने कहा कि संपदा टूरजिस्ट्री में संपदा टू सॉफ्टवेयर एक अप्रेल नए वित्तिय वर्ष में पूरे प्रदेश में एक साथ लागू किया जाएगा। पहले ट्रायल कर रहे थे, लेकिन अब पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करेंगे।

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