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25 निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे सरकारी कर्मचारी

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Government employees will be able to get treatment in 25 private hospitals

भोपाल। राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारी व उनके परिवार के आश्रित सदस्य की जांच और उपचार के लिए 21 अस्पताल को नवीन मान्यता और चार की मान्यता अवधि में वृद्धि की गई है। अब शासकीय कर्मचारी 25 निजी अस्पताल में उपचार करा सकेंगे। नवीन मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर, नेशनल हॉस्पिटल भोपाल, नर्मदा अपना हॉस्पिटल नर्मदापुरम, जैनमश्री हॉस्पिटल भोपाल, शैल्बी हॉस्पिटल जबलपुर, तेजनकर हेल्थकेयर उज्जैन, मार्बल सिटी हॉस्पिटल जबलपुर, नोबल हॉस्पिटल भोपाल, जिंदल हॉस्पिटल भोपाल, ग्लोबल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ग्वालियर, ज्याति हॉस्पिटल इंदौर, अपेक्स हॉस्पिटल, वी वन हॉस्पिटल इंदौर, लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल जबलपुर, रेटिना स्पेशेलिटी इंदौर, अनंत हार्ट हॉस्पिटल भोपाल, महेश्वरी हॉस्पिटल भोपाल, चित्रकूट हॉस्पिटल जबलपुर, सेंटर फॉर साइट हॉस्पिटल इंदौर और डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर इंदौर शामिल हैं।

वहीं नर्मदा ट्रामा सेंटर भोपाल की अतिरिक्त मान्यता के साथ अमृता हॉस्पिटल शहडोल, आरोग्य हेल्थ केयर हॉस्पिटल छिंदवाड़ा और एमिनेंट हॉस्पिटल इंदौर की मान्यता में वृद्धि की गई है। मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल शासकीय कर्मचारियों और आश्रित परिवार सदस्यों से पंजीयन शुल्क नहीं लेंगे और चिकित्सालय में निर्धारित पैकेज दरों की रेट-लिस्ट प्रदर्शित करेंगे। निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेने, परीक्षण संबंधी सुविधाएं मानक-स्तर की न पाए जाने और किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। चिकित्सालय में उपचार और परीक्षण करवाने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति निर्धारित दरों पर होगी।

एक भी सरकारी अस्पताल नहीं है एनएबीएच सर्टिफाईफिलहाल प्रदेश का एक भी सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज एनएबीएच सर्टिफाई नहीं हैं। लेकिन भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल ने एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया हुआ है। इसके तहत एनएबीएच की टीम हॉस्पिटल का प्राइमरी इंस्पेक्शन कर चुकी है, जिसकी रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को अब तक नहीं मिली है।

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