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MP शिवपुरी में शिक्षा विभाग का 1 करोड़ का घोटाला उजागर!

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शिवपुरी में बड़ा घोटाला! शिक्षा विभाग के 6 अधिकारियों ने 6 साल तक 1 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। जांच शुरू। #ShivpuriScam #MPSamwad

Shivpuri Education Department Scam: 6 officials accused of embezzling ₹1 crore in government funds.

शिवपुरी शिक्षा विभाग घोटाला: 6 कर्मचारियों पर 1 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, FIR दर्ज

A ₹1 Crore Scam in the Education Department Exposed in Shivpuri, MP.

Special Correspondent, Shivpuri, MP Samwad.

शिवपुरी के शिक्षा विभाग में 1 करोड़ का बड़ा घोटाला सामने आया है। 2018 से 2024 तक फर्जी वेतन भुगतान किया गया। 6 कर्मचारियों पर FIR दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू हो गई है। सरकारी शिक्षा बजट में भारी भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।

MP संवाद, शिवपुरी (Shivpuri)। जिले के खनियाधाना विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इसमें लगभग 1 करोड़ रुपये की सरकारी राशि हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि कुछ शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने वर्ष 2018 से 2024 के बीच फर्जी भुगतान कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामले के उजागर होने के बाद जिला कलेक्टर ने छह कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

कैसे हुआ घोटाला?

जांच में सामने आया कि 40 व्यक्तियों के बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 42 हजार 763 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया। इनमें से 20 खाताधारकों को “वेतन और भत्ते” के नाम पर 50,000 रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई।

  • 18 खातों में 68.77 लाख रुपये
  • 8 खातों में 6.19 लाख रुपये
    की हेराफेरी की गई। इसके अलावा, कुछ कर्मचारियों को विभागीय खाते से सीधे भुगतान भी किया गया।

जांच में क्या निकला?

कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम पिछोर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की। रिपोर्ट में 81.23 लाख रुपये की राशि के गबन की पुष्टि हुई है।

किन पर बरसेगी कानून की मार?

घोटाले में शामिल छह आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी हैं:

  • प्रकाश सूर्यवंशी (विकासखंड शिक्षा अधिकारी)
  • सतीश शरण गुप्ता (प्राचार्य, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय)
  • सुखनंदन रसगैया (लेखपाल)
  • ओंकार सिंह धुर्वे (सहायक ग्रेड-3)
  • गिरेंद्र कुमार कघारिया (सहायक ग्रेड-2)
  • यशपाल बघेल (माध्यमिक शिक्षक)

अब इन सभी आरोपियों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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