MP SAMVAAD LOGO 2

साईंखेड़ा में विकास या घोटाला? मानवाधिकार संगठन ने खोली पोल.

0

Development or Scam in Saikheda? Human Rights Organization Exposes the Truth.

Special Correspondent, Narsinghpur MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, नरसिंहपुर (साईंखेड़ा)।नगर परिषद साईंखेड़ा में चल रहे और पूर्व में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। विभिन्न निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मामला अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है।

2 करोड़ के कामों पर उठे गंभीर सवाल

राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रदेश सचिव रंजीत सिंह तोमर ने तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर नरसिंहपुर को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आवेदन में बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (लगभग 2 करोड़ रुपये), मुक्तिधाम, नगर परिषद भवन, 2 करोड़ की लागत से बने नाले और तालाब विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।

बस स्टैंड निर्माण में तकनीकी नियमों की अनदेखी

ज्ञापन में विशेष रूप से बस स्टैंड निर्माण कार्य का जिक्र करते हुए बताया गया है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के कॉलम (नींव) की खुदाई एक समान गहराई पर नहीं की जा रही है।

यह स्थिति तकनीकी मानकों के विपरीत है और भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कलेक्टर की उपस्थिति में खुदाई कराकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए।

अधूरे काम और उपयोगिता पर सवाल

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई निर्माण कार्य या तो अधूरे पड़े हैं या उनकी उपयोगिता संदिग्ध है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है।

दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग

रंजीत सिंह तोमर ने सभी कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही भविष्य में सभी निर्माण स्थलों पर अनिवार्य सूचना पटल (Display Board) लगाने की बात कही गई है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

अब प्रशासन पर सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत को कितनी प्राथमिकता देता है और साईंखेड़ा में उठ रहे इन आरोपों की सच्चाई कब तक सामने आती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.