शादी के नाम पर अवैध कारोबार! कटनी में निगम का बड़ा एक्शन.
Illegal Business in the Name of Weddings! Major Crackdown by Municipal Corporation in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी।
कटनी शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे मैरिज गार्डनों के खिलाफ नगर पालिक निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए सोमवार को तीन प्रमुख विवाह स्थलों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद अन्य अवैध गार्डन संचालकों में हड़कंप मच गया है।
नोटिस के बाद भी नहीं चेते संचालक
नोडल अधिकारी (कॉलोनी सेल) के अनुसार, यह कार्रवाई निगमायुक्त के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि संबंधित मैरिज गार्डन बिना वैध पंजीयन और आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे थे।
प्रशासन ने बताया कि इन संचालकों को पहले भी नोटिस देकर नियमानुसार लाइसेंस लेने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद सख्त कदम उठाते हुए इन स्थलों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
सुरक्षा मानकों से खिलवाड़
निगम प्रशासन के अनुसार, मैरिज गार्डन संचालन के लिए सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता और अग्निशमन (Fire Safety) जैसे मानकों का पालन अनिवार्य है।
बिना पंजीयन संचालित गार्डन न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आयोजनों के दौरान लोगों की सुरक्षा से भी समझौता करते हैं।
किस नियम के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई “मध्यप्रदेश नगर पालिका विवाह स्थल पंजीयन एवं उपभोग उपविधि 2020” के तहत की गई है, जिसमें बिना पंजीयन संचालन को अवैध माना गया है।
निगम की सख्त चेतावनी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले अन्य मैरिज गार्डनों पर भी इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि अव्यवस्थित और अवैध संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नागरिकों के लिए जरूरी सलाह
निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शादी या आयोजन के लिए केवल पंजीकृत मैरिज गार्डन ही बुक करें।
अवैध गार्डनों में बुकिंग करने पर भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई के कारण असुविधा हो सकती है।
सवाल भी उठे: अब तक क्यों थी ढील?
कार्रवाई के बाद शहर में यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर इतने समय तक अवैध गार्डन कैसे संचालित होते रहे? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत थी या निगरानी में लापरवाही?