नरसिंहपुर में ‘तुलसी’ पर टकराव! पतंजलि vs लोकल ब्रांड, बाजार में मचा बवाल.
Clash Over ‘Tulsi’ in Narsinghpur! Patanjali vs Local Brand Sparks Uproar in Market.

Special Correspondent, Ranjeet Singh Tomar, Narsinghpur MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, नरसिंहपुर (करेली)। नरसिंहपुर जिले के करेली नगर में एक तेल व्यापारी और बड़े ब्रांड के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को पतंजलि की लीगल टीम ने अनिल इंडस्ट्रीज पर दबिश देते हुए कथित तौर पर ब्रांड और पैकेजिंग की समानता के आरोप में कार्रवाई की।
पैकिंग विवाद पर कार्रवाई, जार किए गए सील
दबिश के दौरान “तुलसी गोल्ड” से मिलती-जुलती पैकिंग में बेचे जा रहे तेल के जार को सील कर दिया गया। आरोप है कि पैकेजिंग और ब्रांड नाम बड़े ब्रांड से मेल खाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है।
पतंजलि का दावा: कोर्ट की अनुमति से कार्रवाई
करेली पहुंचे पतंजलि फूड लिमिटेड के प्रतिनिधि वकील आयुष जैन ने बताया कि “तुलसी” नाम से ब्रांड उनका पंजीकृत है।
उन्हें सूचना मिली थी कि इसी नाम से मिलता-जुलता उत्पाद बाजार में बेचा जा रहा है। इस पर उन्होंने कोर्ट में आवेदन कर अनुमति प्राप्त की और उसी आधार पर यह कार्रवाई की गई।
स्थानीय व्यापारी का पलटवार
वहीं, अनिल इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि अमन जैन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका ब्रांड “पूर्ण आयु तुलसी” पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत पंजीकृत है।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं और उन्होंने इसकी सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित कराई थी।
‘छोटे व्यापारियों को दबाने की साजिश’ का आरोप
अमन जैन ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई स्थानीय व्यापारियों को डराने और उन्हें बाजार से बाहर करने की कोशिश है।
उनका कहना है कि बड़े ब्रांड कानूनी दबाव बनाकर छोटे कारोबारियों को उलझाते हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होता है।
अब कोर्ट तय करेगा सच
फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
आने वाले समय में कोर्ट के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ब्रांड और पैकेजिंग विवाद में कौन सही है और कौन गलत।
बड़ा सवाल: ब्रांड सुरक्षा या बाजार पर दबाव?
यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्या यह ब्रांड की सुरक्षा का मुद्दा है या फिर बड़े और छोटे व्यापारियों के बीच बाजार पर नियंत्रण की लड़ाई?