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रीठी अस्पताल में डॉक्टर नदारद, घायल मरीज तड़पता रहा, नर्स ने बचाई जान!

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mpsamwad.com Reethi Hospital Negligence

Doctor Absent at Reethi Hospital, Injured Patient Left in Agony, Nurse Saves His Life!

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

An injured man at Reethi government hospital was left writhing in pain as no doctor was present. A duty nurse gave first aid and saved his life. The incident highlights severe negligence in public healthcare services and the absence of doctors during OPD hours.

MP संवाद, कटनी। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति अब आम बात बन चुकी है। शासन द्वारा निर्धारित समय अनुसार, अस्पतालों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 से 6 बजे तक ओपीडी संचालन और डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे एकदम उलट है।

रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इसका जीता-जागता उदाहरण है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी निवासी केशव प्रसाद, जिन पर सुबह कुत्ते ने हमला कर दिया था, इलाज के लिए रीठी अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां ओपीडी बंद मिली और डॉक्टर गायब थे। दर्द से तड़पते हुए उनकी चीख सुनकर ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स जया चौहान ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और डॉक्टर का इंतज़ार करने को कहा।

हालांकि, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को जैसे कोई परवाह ही नहीं थी। वे घर पर आराम फरमा रहे थे, जबकि आकस्मिक घटनाओं के लिए अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहने के निर्देश हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन ने अस्पतालों के लिए समय निर्धारित कर रखा है, तो फिर डॉक्टर समय पर क्यों नहीं पहुंचते? क्या यह लापरवाही किसी की जान को जोखिम में डालने जैसा नहीं है?


?️ इनका कहना है —

डॉ. महेंद्र श्रीवास्तव, बीएमओ रीठी ने कहा:
“डॉक्टरों की कमी जरूर है, जिससे थोड़ी दिक्कत आती है। मैं बिलहरी और रीठी के मरीजों में व्यस्त था। जल्द ही कुछ नए डॉक्टरों की नियुक्ति होने वाली है। हमारा प्रयास रहता है कि नागरिकों को परेशानी न हो।”

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