कटनी में PM आवास सूची पर बवाल! गरीब बाहर, रसूखदार अंदर? क्या दूसरी पंचायतों में भी होगी जांच.
Uproar Over PM Housing Scheme List in Katni! Are the Poor Left Out While the Influential Make the Cut?

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य प्रत्येक पात्र गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। लेकिन कटनी जिले की ग्राम पंचायत डिठवारा में योजना की अस्थायी पात्रता सूची जारी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जिनके पास पहले से पक्का मकान, भूमि अथवा चारपहिया वाहन हैं, जबकि कई वास्तविक पात्र परिवारों के नाम सूची से बाहर हैं। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि यह अंतिम सूची नहीं है और आपत्तियों के लिए ग्राम सभा आयोजित की गई है।
ग्रामीणों का आरोप— पात्र बाहर, संपन्न परिवार सूची में
ग्रामीण अंकुश पांडे का आरोप है कि सूची में ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल हैं, जिनके पास पहले से पक्का मकान एवं अन्य संसाधन उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि—
- कुछ परिवारों के एक से अधिक सदस्यों के नाम सूची में दर्ज हैं।
- जिन हितग्राहियों को पहले आवास का लाभ मिल चुका है, उनके नाम भी दोबारा शामिल किए गए हैं।
- छैगरा टोला के कई गरीब परिवार, जो कच्चे मकानों या झोपड़ियों में रह रहे हैं, सूची से बाहर हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
सचिव बोले— सर्वे नियमानुसार किया गया
ग्राम पंचायत डिठवारा के सचिव मनीष परोहा ने कहा कि सर्वे ग्रामवासियों की उपस्थिति में किया गया तथा इसके बाद पंचायत समन्वयक अधिकारी द्वारा सत्यापन भी किया गया।
उनका कहना है कि उनके स्तर पर सर्वे प्रक्रिया में कोई कमी नहीं छोड़ी गई।
प्रशासन का पक्ष— अभी अंतिम सूची नहीं
पंचायत समन्वयक अधिकारी अनिरुद्ध परोहा के अनुसार, यह केवल प्रारंभिक (अस्थायी) सूची है।
उन्होंने बताया कि—
- अंतिम सूची जमीनी सत्यापन के बाद जारी होगी।
- आपत्तियों के लिए ग्राम सभा आयोजित की गई है।
- पात्रता संबंधी दावा या आपत्ति रखने वाले नागरिक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
अब ग्राम सभा के निर्णय पर नजर
ग्राम सभा में प्राप्त आपत्तियों और सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही अंतिम पात्रता सूची तैयार की जाएगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि अंतिम सूची पूरी तरह पारदर्शी हो तथा वास्तविक पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ मिले।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
क्या अन्य पंचायतों में भी होगी जांच?
ग्रामीणों का दावा है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी पात्रता सूची से संबंधित अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Disclaimer
यह समाचार ग्रामीणों के आरोपों, संबंधित अधिकारियों के बयानों एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। अंतिम तथ्य ग्राम सभा, सत्यापन प्रक्रिया तथा सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही निर्धारित माने जाएंगे।
