MP SAMVAAD LOGO 2

रतलाम : महालक्ष्मी मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खुला, श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा-अर्चना की

0

रतलाम

रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सूतक में पंडित संजय पुजारी के पूजा-पाठ करने के बाद श्रीमाली समाज के लोगों ने विरोध जताया था। इसके बाद रविवार रात को प्रशासन ने मंदिर में ताला लगाया दिया था।

प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक खुलने वाले मंदिर के ताले सोमवार सुबह 8 बजे तक भी नहीं खुले। मंदिर के बाहर श्रीमाली समाज के लोग दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। इसके बाद नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खुला। इसके पहले श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा-अर्चना की। पंडित संजय दवे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा कराई।

रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सूतक में पंडित संजय पुजारी द्वारा पूजा-पाठ करने का विवाद गहराता जा रहा है। विवाद के बीच प्रशासन ने संजय पुजारी के स्थान पर सत्यनारायण पिता दुर्गाशंकर व्यास को मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक नियुक्त किया है।

पंडित संजय पुजारी से भी मंदिर में सजावट के लिए आने वाले रुपयों और आभूषणों की प्रतिदिन की जानकारी मांगी है। वहीं प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक खुलने वाले मंदिर के ताले सोमवार सुबह 8 बजे तक भी नहीं खुले। मंदिर के बाहर श्रीमाली समाज लोग आकर एकत्र हो गए। सुबह जल्दी ताला नहीं खुलने से कई श्रद्धालुओं को बाहर से दर्शन कर जाना पड़ा।

8:15 बजे खुले ताले इसके बाद नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में मंदिर का ताला सुबह 8.15 बजे खोला गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाजजनों ने मंदिर के बाहर पूजा की। पूजा-पाठ करने के बाद गंगाजल और गो मूत्र से वैदिक मंत्रोचार के साथ मंदिर का शुद्धिकरण किया गया।

नायब तहसीलदार उपाध्याय ने बताया कि पूर्व पुजारी की शिकायत को लेकर उन्हें हटाया गया है। उनके स्थान पर अभी एक नए पंडित की अस्थाई रूप से नियुक्ति की गई है। सजावट को लेकर 10:30 बजे मीटिंग होगी, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मंदिर खोल दिया गया है।

श्रीमाली ब्राह्मण समाज अध्यक्ष नयन व्यास ने बताया कि महालक्ष्मी मंदिर हमारा है। समाज की सती मां का भी मंदिर में स्थान है। पुजारी को पूर्व में निवेदन किया था कि सूतक में मंदिर में ना जाएं, लेकिन वह नहीं माने।

पुजारी के बड़े भाई के निधन से सूतक

संजय पुजारी के बड़े भाई का इंदौर में निधन हो गया है। परिवार में सूतक होने के बावजूद वह मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। इसको लेकर शहर के श्रीमाली ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। रविवार रात को भी समाजजन मंदिर पहुंचे। संजय पुजारी को देखकर उन्होंने हंगामा कर दिया।

दो दिन पहले भी समाजजनों ने प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया था। समाजजनों का कहना था कि महालक्ष्मी मां हमारी कुल देवी हैं। विवाद के बाद तहसीलदार ने संजय पुजारी के स्थान पर पूजा पाठ करने के लिए एक अन्य पंडित को अस्थाई रूप से नियुक्त कर दिया है।

समाजजनों को कहना था कि नए पंडित को मंदिर में पूजा पाठ नहीं करने दिया जा रहा है। मंदिर में संजय पुजारी लगातार आ रहे हैं। इस पर समाजजनों ने आक्रोश जताया। आखिरकार प्रशासन को बीच में आकर मंदिर में रविवार रात ताला लगाना पड़ा।

सजावट की जिम्मेदारी अब कौन लेगा मंदिर में दीपावली पर्व पर नोटों और आभूषणों से सजावट का कार्य भी जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुपए और आभूषण लेकर आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि रविवार रात को प्रशासन ने मंदिर में ताला लगा दिया, जिससे सजावट का कार्य भी रुक गया। पुजारी भी बदल दिया। ऐसे में अब मंदिर में सजावट की जिम्मेदारी कौन लेगा। वहीं अब तक जिन लोगों ने रुपए और आभूषण दिए हैं, उनकी देखरेख कौन करेगा।

हालांकि तहसीलदार ने संजय पुजारी को पत्र जारी कर सजावट के लिए प्रतिदिन आने वाले रुपयों और आभूषणों की जानकारी मांगी है। मंदिर में सुरक्षा को लेकर पुलिस जवान भी तैनात किए हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.