कलेक्टर की मीटिंग में खुली पोल, सिस्टम पर उठे सवाल.
Irregularities exposed in the Collector’s meeting, questions raised over the system.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने साफ संकेत दिए कि राजस्व अमले की कार्यशैली में गंभीर खामियां हैं, जिसके कारण आम जनता को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है।
नामांतरण से सीमांकन तक—फाइलों में कैद न्याय
बैठक में सामने आया कि नामांतरण, सीमांकन और बटवारे जैसे अहम प्रकरण वर्षों से लंबित पड़े हैं। कई मामलों में 2 से 5 साल तक की देरी प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।
कलेक्टर सख्त, अधिकारियों को चेतावनी
स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और साफ कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CM हेल्पलाइन भी फेल: शिकायतें लंबित, समाधान अधूरा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। कई शिकायतें बिना संतोषजनक समाधान के लंबित पाई गईं, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है।
पटवारी आईडी पर अटके आवेदन, नोटिस के निर्देश
साइबर तहसील में पटवारी आईडी से जुड़े लंबित आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए भू-अभिलेख प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
अमृत सरोवर और जल संरचनाओं की भी खराब स्थिति
अमृत सरोवर और अन्य जल संरचनाओं को लेकर भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। कई स्थानों पर रिकॉर्ड अपडेट नहीं हैं और अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है।
किसान योजनाओं में भी सुस्ती, उपार्जन केंद्रों पर सवाल
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी। वहीं, समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सुधार के निर्देश दिए।
“सिस्टम की सुस्ती से पिस रही जनता”
समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया कि कटनी में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली अभी भी गंभीर खामियों से घिरी है। अब देखना होगा कि कलेक्टर की सख्ती जमीनी बदलाव ला पाती है या नहीं।