हर प्रोजेक्ट पर सवाल, साईंखेड़ा में बवाल.
Questions over every project, uproar in Saikheda.

Special Correspondent, Ranjeet Singh Tomar, Narsinghpur MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, नरसिंहपुर। गाडरवारा के साईंखेड़ा नगर परिषद में विकास कार्यों को लेकर कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और घटिया निर्माण के विरोध में मंगलवार से धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। आंदोलन का नेतृत्व रंजीत सिंह तोमर (प्रदेश सचिव, मध्यप्रदेश राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो) कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
आश्वासन नहीं, जांच चाहिए”—जनता का खुला ऐलान
धरना प्रदर्शन के दौरान नागरिकों ने स्पष्ट कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई चाहिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकांश विकास कार्य गुणवत्ताहीन हैं।
बस स्टैंड से तालाब तक—हर काम पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
साथ ही मुक्तिधाम, नगर परिषद भवन, नगर तालाब, नाला निर्माण और सड़कों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
नरहरियानंद तालाब को NGT के निर्देशों के अनुसार संरक्षित करने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई।
आवास योजना, दुकानों का आवंटन और मंडी पर भी घेरा
आंदोलन में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ी, नगर परिषद दुकानों के अपारदर्शी आवंटन, कृषि उपज मंडी के विकास और खेल मैदान के व्यावसायिक उपयोग पर भी सवाल उठाए गए।
इसके अलावा स्वच्छ भारत अभियान में खर्च राशि और फायर ब्रिगेड सहित अन्य वाहनों की खरीद की जांच की मांग की गई।
बढ़ता जनसमर्थन, प्रशासन के लिए चुनौती
धरना के पहले दिन ही आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला। बड़ी संख्या में नागरिकों ने एकजुट होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई।
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
“विकास या भ्रष्टाचार का खेल?”
साईंखेड़ा का यह आंदोलन प्रशासन के लिए बड़ा संदेश है—
क्या करोड़ों के विकास कार्यों की सच्चाई सामने आएगी?
या फिर मामला फाइलों में ही दब जाएगा?
अब निगाह प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।