न फार्मासिस्ट, न बिल, न रिकॉर्ड, कटनी में दवा दुकानों की अनदेखी पर प्रशासन सख्त.
No Pharmacist, No Bills, No Records: Administration Cracks Down on Irregularities at Medical Stores in Katni.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Katni, MP Samwad News.
कटनी। जिले में दवा व्यवसाय से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर औषधि प्रशासन विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद 10 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जांच में उजागर हुईं गंभीर खामियां
ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन के अनुसार निरीक्षण के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली 1945 के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। कई प्रतिष्ठानों में पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं की बिक्री की जा रही थी, जबकि कई जगह ग्राहकों को बिल या कैश मेमो तक जारी नहीं किए जा रहे थे।
रिकॉर्ड संधारण में भी मिली अनियमितताएं
जांच में यह भी सामने आया कि अनुसूची H, H-1 एवं X श्रेणी की दवाओं के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड का उचित संधारण नहीं किया जा रहा था। कई मेडिकल स्टोर्स आवश्यक दस्तावेज और रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सके।
संतोषजनक जवाब नहीं तो लाइसेंस पर कार्रवाई
औषधि प्रशासन विभाग ने संबंधित संचालकों को निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
इन मेडिकल स्टोर्स को जारी हुआ नोटिस
- साईं मेडिकल एंड जनरल स्टोर, हरदुआ
- नवीन मेडिकल स्टोर, रीठी
- अनिका मेडिकल एंड जनरल स्टोर, देवगांव
- संदीप मेडिकल स्टोर, बहोरीबंद
- प्रकाश मेडिकल
- आदित्य मेडिकल, बहोरीबंद
- गौतम मेडिकल
- गणेश मेडिकल
- मोहित मेडिकल एंड जनरल स्टोर, पिपरोंध
- माहिर मेडिकल एंड जनरल स्टोर, निवार पहाड़ी
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप दवाएं उपलब्ध कराना व्यवस्था की जिम्मेदारी है। ऐसे में मेडिकल स्टोर्स पर नियमित निरीक्षण और नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यवसायी को परेशान करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित कर जनता के स्वास्थ्य हितों की रक्षा करना है।