किसानों की शिकायतों से कटनी मंडी घिरी! कथित वसूली से लेकर सुरक्षा तक सवाल.
Katni Mandi Under Scrutiny Over Farmers’ Complaints! Questions Raised From Alleged Illegal Collections to Produce Security.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी कृषि उपज मंडी में व्यवस्थाओं और कथित अनधिकृत वसूली को लेकर किसानों की शिकायतों ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था लागू होने के बावजूद पर्ची, वाहन प्रवेश और अन्य मदों के नाम पर अलग-अलग राशि ली जा रही है। कुछ किसानों ने यह भी शिकायत की है कि जब मंडी में उनकी उपज बिक नहीं पाती, तब भी उनसे 5 से 10 रुपये तक लिए जाते हैं।
मामला केवल कुछ रुपयों की वसूली का नहीं, बल्कि मंडी में शुल्क और कटौती की पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा है। किसानों का सवाल है कि यदि हर शुल्क निर्धारित नियमों के तहत है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी मंडी परिसर में सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं दी जाती?
ऑनलाइन पर्ची के बाद भी वसूली क्यों? किसानों ने उठाए सवाल
किसानों के अनुसार ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना था। लेकिन यदि पर्ची और वाहन प्रवेश जैसी व्यवस्थाओं के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल होगा।
किसानों ने अलग-अलग कृषि उपज पर ‘मुद्दत’ के नाम पर होने वाली कटौती पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि गेहूं, धान और सरसों में एक प्रतिशत तक तथा अन्य कृषि उपज में अलग-अलग दर से कटौती की जाती है। किसानों का सवाल है कि अलग-अलग जिंसों में कटौती की दर का आधार क्या है और इसकी जानकारी किसानों को किस नियम के तहत दी जाती है?
उपज की सुरक्षा से लेकर आवारा मवेशियों तक, शिकायतों की लंबी सूची
मंडी में किसानों की उपज की सुरक्षा को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। किसानों का कहना है कि उपज चोरी होने की घटनाओं को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। इसके अलावा कर्मचारियों के स्थान पर गार्डों से काम लिए जाने, किसानों के लिए पर्याप्त ठहरने की व्यवस्था नहीं होने, पेयजल और भोजन की सुविधाओं की कमी तथा मंडी परिसर में आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर भी नाराजगी है।
कुछ किसानों ने मंडी के इंस्पेक्टरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए अनावश्यक परेशान करने और वसूली के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायतों की जांच होगी, दोष साबित हुआ तो कार्रवाई: SDM
मंडी प्रशासन के भार साधक अधिकारी एवं एसडीएम जितेंद्र पटेल ने कहा कि इंस्पेक्टरों की भूमिका अथवा किसानों से अनधिकृत वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि नियम विरुद्ध वसूली या किसानों को अनावश्यक परेशान करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अब असली सवाल यही है कि शिकायतों की जांच कितनी जल्दी पूरी होती है और किसानों से कथित अतिरिक्त वसूली की वास्तविकता सामने आने के बाद जिम्मेदारी केवल तय होती है या कार्रवाई भी जमीन पर दिखाई देती है।
Legal Disclaimer: This report is based on complaints attributed to farmers and the official response provided. Allegations remain subject to verification, investigation and legal determination.