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NRx दवाओं पर प्रशासन सख्त, कटनी में 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित.

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Administration Cracks Down on NRx Medicines: Licenses of 6 Medical Stores Suspended in Katni.

कटनी में NRx दवाओं को लेकर 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
NRx दवाओं की खरीदी-बिक्री और रिकॉर्ड की जांच के दौरान कटनी में 6 मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई।

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News

MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी जिले में दवाओं के विक्रय, भंडारण और वितरण में नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने मेडिकल स्टोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन द्वारा मेडिकल स्टोर्स का सघन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियम, 1945 के प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर जिले के छह मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निर्धारित अवधि के लिए निलंबित किए गए हैं।

6 मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई, लाइसेंस कुछ दिनों के लिए निलंबित

प्रशासन के अनुसार निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और नियमों के उल्लंघन के आधार पर छह प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें सम्पत मेडिकल, दुर्गा चौक का लाइसेंस 7 दिन, अनिल मेडिकल एंड जनरल स्टोर, कटनी का 5 दिन, आकाश मेडिकल, तिलक कॉलेज रोड का 3 दिन और आयुष मेडिकेयर, रोशन नगर का 7 दिन के लिए निलंबन शामिल है।

इसी क्रम में तिवारी मेडिकल, परोना मार्केट का लाइसेंस 5 दिन तथा अंशिका मेडिकल, दुर्गा चौक, कटनी का लाइसेंस भी 5 दिन के लिए निलंबित किया गया है।

कार्रवाई से साफ है कि दवाओं के कारोबार में निर्धारित नियमों और दस्तावेजी प्रक्रिया की अनदेखी मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए भारी पड़ सकती है।

नारकोटिक्स दवाओं की खरीदी-बिक्री पर भी निगरानी

औषधि विभाग ने जिले के अन्य सात मेडिकल स्टोरों का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध दवाओं के साथ संबंधित अभिलेखों की जांच की। इनमें सिटी मेडिकल, झर्रा टिकुरिया; विकास मेडिकोज, मस्जिद के पास; शांति मेडिकल, रंगनाथ नगर; न्यू वंदना मेडिकल, शास्त्री वार्ड; सनी मेडिकोज, रघुनाथ गंज; शुभ श्री मेडिकल, मंगल नगर तथा मां मेडिकल, जय हिंद चौक शामिल हैं।

विशेष रूप से नारकोटिक्स एवं नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की खरीदी-बिक्री से जुड़े बिल, स्टॉक और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन प्रतिष्ठानों में रिकॉर्ड या अन्य कमियां पाई गई हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

सवाल सिर्फ लाइसेंस का नहीं, मरीजों की सुरक्षा का भी

दवाओं की बिक्री में रिकॉर्ड और नियमों का पालन केवल कागजी औपचारिकता नहीं है। खासकर नियंत्रित एवं नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के मामले में स्टॉक, बिक्री और खरीदी का सही रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण है।

अब निगाह इस बात पर रहेगी कि कारण बताओ नोटिस के बाद जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और नियमों का उल्लंघन साबित होने पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है। प्रशासन ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि औषधियों के विक्रय और भंडारण में निर्धारित प्रावधानों का पालन अनिवार्य है।

Legal Disclaimer: This report is based on administrative information and reported inspection findings. Any alleged violation or individual responsibility remains subject to official verification and legal determination.

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