CSP समेत तीन फरार! कटनी जमीन कांड में पुलिस ने घोषित किया ₹10-10 हजार इनाम.
Three, Including Suspended CSP, on the Run! Police Announce ₹10,000 Reward Each in Katni Land Case.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी। कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदा और कथित फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस का शिकंजा अब और कसता नजर आ रहा है। कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, कथित मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और कथित कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं मामले की जांच कर रही एसआईटी ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस बीच निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका पर 29 अगस्त 2026 को एडीजे कोर्ट में सुनवाई निर्धारित है।
तीनों फरार, पुलिस ने बढ़ाई घेराबंदी
एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस और एसआईटी की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश कर रही हैं। साइबर सेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर फरार आरोपी मारूफ अहमद हनफी के संभावित ठिकाने पर भी दबिश दी गई, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। ऐसे में साइबर तकनीक के साथ मुखबिर तंत्र की मदद से उनकी तलाश की जा रही है। इनाम घोषित किए जाने के बाद अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।
90 दिन में चालान और ₹1.07 करोड़ की जमीन का आरोप
मामला गंभीर इसलिए है क्योंकि एफआईआर में पद के कथित दुरुपयोग और एक हत्या के आरोपी को कथित रूप से लाभ पहुंचाने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि नियमों के विपरीत करीब 90 दिनों तक न्यायालय में चालान पेश नहीं किया गया, जिससे संबंधित आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिलने की स्थिति बनी।
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि इसके बदले हत्या के आरोपी की लगभग ₹1.07 करोड़ मूल्य की जमीन कथित तौर पर उसके करीबियों के नाम बेहद कम कीमत पर लिखवाई गई।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
अब असली परीक्षा SIT की जांच की
मामले में एसआईटी के सामने सबसे बड़ा सवाल पूरे कथित नेटवर्क की भूमिका और जमीन सौदे से जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ना है। पुलिस किन परिस्थितियों में चालान दाखिल नहीं होने और जमीन के कथित हस्तांतरण की प्रक्रिया तक पहुंचती है, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
अब निगाहें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, निलंबित सीएसपी की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत की कार्यवाही और एसआईटी की आगे की जांच पर टिकी हैं।
सवाल सिर्फ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि यह भी है कि कथित पद के दुरुपयोग और जमीन सौदे के पीछे यदि कोई संगठित नेटवर्क था, तो उसकी पूरी कड़ी कब सामने आएगी?
Legal Disclaimer: The allegations mentioned are subject to investigation and judicial determination. All accused are presumed innocent unless proven guilty by a competent court.