कटनी निगम में विकास या दिखावा? बिना बेस बन रही नाली पर बवाल.
Development or Drama in Katni Municipal Corporation? Uproar Over Drain Being Built Without a Proper Base.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी नगर निगम के विकास कार्य एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। मसुरहा वार्ड में बन रही नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद महापौर प्रीति सूरी का गुस्सा फूट पड़ा। औचक निरीक्षण के दौरान मौके पर जो स्थिति सामने आई, उसने नगर निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण एजेंसी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि नाली का निर्माण बिना मजबूत बेस के कराया जा रहा है। शिकायत मिलते ही महापौर स्वयं मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई स्थानों पर तकनीकी मानकों की अनदेखी सामने आने के बाद महापौर ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जमकर फटकार लगाई।
“बिना मजबूत आधार कितने दिन टिकेगी नाली?”
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि जब नाली का बेस ही मजबूत नहीं बनाया जा रहा, तो यह निर्माण आखिर कितने दिन टिकेगा? स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि बरसात शुरू होते ही निर्माण कार्य की पोल खुल सकती है।
मौके पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर महापौर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से होने वाले कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टाइम कीपर गायब, जिम्मेदारों पर भड़कीं महापौर
निरीक्षण के दौरान टाइम कीपर की गैरमौजूदगी पर भी महापौर ने सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर मौजूद ही नहीं रहेंगे, तो निर्माण कार्य की निगरानी कौन करेगा?
महापौर ने साफ कहा कि विकास कार्यों में केवल कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों अनिवार्य हैं।
तकनीकी जांच के आदेश, कार्रवाई की चेतावनी
महापौर प्रीति सूरी ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा हो ताकि जनता को स्थायी सुविधाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य डॉ. रमेश सोनी, सुभाष साहू, जयनारायण निषाद, पार्षद शकुंतला सोनी, सीमा श्रीवास्तव, पूर्व पार्षद अज्जू सोनी, कमलेश चौधरी, उपयंत्री पवन श्रीवास्तव और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बड़ा सवाल
क्या नगर निगम में विकास कार्यों के नाम पर घटिया निर्माण का खेल चल रहा है? और जनता के पैसों की जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा?
