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बांधवगढ़ में फिर बाघिन की मौत! 2026 में 9वीं मौत से संरक्षण सिस्टम पर सवाल.

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Another Tigress Dies in Bandhavgarh! 9th Death in 2026 Raises Questions Over Conservation System.

Special Correspondent, Amit Singh, Umariya, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, उमरिया। मध्यप्रदेश के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधवार को एक 5 वर्षीय बाघिन की मौत हो गई, जिससे वन्यजीव संरक्षण पर सवाल गहरा गए हैं।

बीमारी और आंतरिक रक्तस्राव की आशंका

वन विभाग के अनुसार:

  • बाघिन की मौत का प्राथमिक कारण बीमारी बताया जा रहा है
  • इसमें यकृत (लिवर) और तिल्ली (स्प्लीन) प्रभावित होने की बात सामने आई है
  • साथ ही आंतरिक रक्तस्राव के संकेत भी मिले हैं

क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।

दो दिन पहले किया गया था रेस्क्यू

  • बाघिन को दो दिन पहले जंगल से रेस्क्यू कर इलाज के लिए लाया गया था
  • लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई
  • उसके शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं

बताया गया कि बाघिन को आखिरी बार मानपुर बफर के बनवेई क्षेत्र में शिकार करते हुए देखा गया था, जहां उसके नाक से खून बहने के लक्षण भी दिखे थे।

2026 में 9वीं बाघिन की मौत

सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि:
👉 साल 2026 की शुरुआत से अब तक 9 बाघिनों की मौत हो चुकी है

इन मौतों के पीछे:

  • इलेक्ट्रोक्यूशन (करंट लगना)
  • आपसी संघर्ष
  • बीमारी

मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।

👉 इनमें से 5 मौतें रिजर्व के अंदर, जबकि अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई हैं।

हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

लगातार हो रही बाघों/बाघिनों की मौतों को लेकर
👉 हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है

जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

बड़ा सवाल: क्या सुरक्षित हैं बाघ?

लगातार हो रही मौतों के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं:

👉 क्या बांधवगढ़ जैसे संरक्षित क्षेत्र में भी बाघ सुरक्षित नहीं हैं?
👉 बार-बार हो रही मौतों के बावजूद ठोस रोकथाम क्यों नहीं?
👉 क्या मॉनिटरिंग और रेस्क्यू सिस्टम में कमी है?

वन्यजीव संरक्षण के दावों के बीच यह घटनाएं
👉 जमीनी हकीकत और व्यवस्थाओं की पोल खोल रही हैं।

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