रीठी अस्पताल में सिर्फ कुर्सी बदली या बदलेगी व्यवस्था?
Has Only the Chair Changed at Reethi Hospital, or Will the System Change Too?

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी।
कटनी जिले का रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लंबे समय से गंभीर आरोपों और अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में बना हुआ है। अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, घंटों इलाज के इंतजार में भटकते मरीज, कर्मचारियों का मनमाना रवैया, डॉक्टरों का मुख्यालय पर अनुपस्थित रहना और डॉक्टर की जगह नेत्र सहायक द्वारा ओपीडी संभालने जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में रहे हैं।
स्थानीय मीडिया द्वारा लगातार अस्पताल की खामियों को उजागर किया जाता रहा, जिसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने जिला कलेक्टर के अनुमोदन पर प्रशासनिक कार्य-सुविधा को ध्यान में रखते हुए डॉ. आशित निगम, संविदा चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिलहरी, जिला कटनी को तत्काल प्रभाव से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रीठी का नया खण्ड चिकित्सा अधिकारी (BMO) नियुक्त किया है।
वहीं, डॉ. मृघेन्द्र श्रीवास्तव को बीएमओ के दायित्वों से पृथक करते हुए उन्हें रीठी अस्पताल में सामान्य चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या सिर्फ बीएमओ बदलने से सुधर जाएगी स्वास्थ्य व्यवस्था?
ग्रामीणों के बीच अब यह बड़ा सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या केवल बीएमओ का प्रभार बदल देने भर से अस्पताल की वर्षों पुरानी बदहाल व्यवस्था सुधर पाएगी?
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में वर्षों से जमे कुछ कर्मचारियों के कारण व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। आरोप है कि मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलता और कई बार गंभीर मरीजों को भी रेफर कर दिया जाता है।
जिला पंचायत सदस्य ने पहले ही उठाए थे सवाल
बताया जा रहा है कि पूर्व में जिला पंचायत सदस्य माला मोसी ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर बीएमओ सहित वर्षों से जमे कर्मचारियों को हटाने की मांग की थी। उनका कहना था कि जब तक अस्पताल में जड़ जमा चुकी लापरवाह व्यवस्था पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना मुश्किल है।
रीठी अस्पताल पर केवल स्थानीय ग्रामीण ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों से आने वाले मरीज भी निर्भर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
नए प्रभारी से ग्रामीणों को उम्मीद
हालांकि लगातार विवादों और शिकायतों के बीच अब ग्रामीणों को नए प्रभारी बीएमओ डॉ. आशित निगम से उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि यदि नए प्रभारी सख्ती दिखाते हैं तो अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है और कर्मचारियों की लापरवाहियों पर लगाम लगाई जा सकती है।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी वही है —
क्या रीठी अस्पताल में सिर्फ अधिकारी बदला है या अब व्यवस्था भी बदलेगी?