चावल हेराफेरी केस: खाद्य मंत्री ने झाड़ा पल्ला, कहा— पूरी प्रक्रिया FCI के अधीन.
Rice Diversion Case: Food Minister Distances State Government, Says Entire Process Is Under FCI’s Control.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, भोपाल। बालाघाट में इथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित सरकारी चावल की कथित हेराफेरी के मामले में मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने राज्य सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस प्रकरण में मध्यप्रदेश खाद्य विभाग तथा मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन के लिए चावल उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया भारतीय खाद्य निगम (FCI) एवं केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत संचालित होती है। इसमें राज्य सरकार की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष भागीदारी नहीं रहती।
FCI करता है चावल का आवंटन, केंद्र तय करता है प्रक्रिया
खाद्य मंत्री के अनुसार, इथेनॉल उत्पादन योजना के तहत FCI भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर इथेनॉल निर्माता कंपनियों को चावल उपलब्ध कराता है। इसके बाद संबंधित कंपनियां तेल विपणन कंपनियों को इथेनॉल की आपूर्ति करती हैं।
उन्होंने कहा कि चावल का आवंटन, मूल्य निर्धारण, परिवहन और संचालन से संबंधित सभी प्रक्रियाएं केंद्र सरकार एवं उसकी एजेंसियों द्वारा संचालित की जाती हैं।
242.55 क्विंटल चावल राइस मिल में मिलने पर दर्ज हुई FIR
मंत्री ने बताया कि शिकायत मिलने पर कलेक्टर द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में FCI द्वारा एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड, बोरगांव (जिला छिंदवाड़ा) को इथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित 242.55 क्विंटल (490 बोरी) चावल ट्रक क्रमांक CG-04-JD-3147 में संचेती राइस मिल, वारासिवनी (जिला बालाघाट) परिसर में पाया गया।
प्रथम दृष्टया चावल के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि तथा संचेती राइस मिल के संचालक के विरुद्ध वारासिवनी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
‘राज्य सरकार को जोड़ना भ्रामक और तथ्यहीन’
गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में कथित हेराफेरी में संबंधित इथेनॉल निर्माता कंपनी और राइस मिलर की भूमिका सामने आई है।
उन्होंने कहा कि इस मामले को मध्यप्रदेश खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम अथवा राज्य सरकार के अन्य विभागों से जोड़ना भ्रामक और तथ्यहीन है।
केंद्रीय खाद्य मंत्री को लिखा पत्र
खाद्य मंत्री ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित चावल के उपयोग में संभावित अनियमितताओं को रोकने तथा पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता एवं जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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