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100 साल पुराने ढुटी डेम से खेतों तक पानी! लिफ्ट एरिगेशन से बदलेगी बालाघाट की तस्वीर.

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बालाघाट जिले में पहली लिफ्ट एरिगेशन परियोजना जल्द पूरी होगी। 12,205 किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, इजरायली SCADA तकनीक से होगी निगरानी।

बालाघाट जिले में पहली लिफ्ट एरिगेशन परियोजना जल्द पूरी होगी। 12,205 किसानों को मिलेगा लाभ।

बालाघाट की ऐतिहासिक लिफ्ट एरिगेशन परियोजना, किसानों के लिए वरदान!

Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.

बालाघाट, 15 फरवरी | बालाघाट जिले की पहली लिफ्ट एरिगेशन (सिंचाई) परियोजना जल्द ही अस्तित्व में आने वाली है। यह प्रदेश में स्टॉप डेम पर बनने वाली पहली अनोखी योजना होगी। अब तक प्रदेश में अधिकांश लिफ्ट सिंचाई परियोजनाएं बहती नदियों पर बनाई गई हैं, लेकिन यह परियोजना 100 वर्ष पुराने ढुटी डेम पर विकसित की जा रही है और इसका कार्य लगभग 90% पूरा हो चुका है।

? दक्षिण छोर का कार्य मार्च 2025 तक पूरा होगा

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, श्री उदय सिंह परस्ते ने बताया कि परियोजना का दक्षिण छोर (साउथ कमांड) का कार्य 31 मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि उत्तर छोर का कार्य 16 जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

? 56 गांवों के 12,205 किसानों को होगा लाभ

इस परियोजना से बालाघाट जिले के 56 गांवों के 12,205 किसान लाभान्वित होंगे और कुल 9,636 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित की जाएगी

? पंप हाउस व पाइपलाइन का कार्य लगभग पूरा

  • परियोजना के दो पंप हाउस में से एक का 85% और दूसरे का 95% कार्य पूरा हो चुका है।
  • पाइपलाइन को खेतों तक पहुंचा दिया गया है, जिससे किसानों को हर मौसम (रबी, खरीफ, जायद) में पानी की सुविधा मिल सकेगी।
  • वैनगंगा नदी का पानी दो पंप हाउस के माध्यम से लिफ्ट कर खेतों तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा।

? इजरायली तकनीक से होगी निगरानी

परियोजना के प्रोजेक्ट इंजीनियर, श्री अभिषेक ने बताया कि इस लिफ्ट एरिगेशन सिस्टम की निगरानी इजरायल की उन्नत स्काडा (SCADA) तकनीक से की जाएगी। इस तकनीक की मदद से 4.5 लीटर प्रति सेकंड पानी खेतों तक पहुंचेगा।

? OMS बॉक्स से किसानों को होगा सीधा लाभ

  • किसानों के खेतों में हर 30-30 हेक्टेयर क्षेत्र में एक OMS (ऑपरेशन मैनेजमेंट सिस्टम) बॉक्स लगाया जाएगा।
  • इस बॉक्स से किसान बटन दबाकर अपनी जरूरत के अनुसार पानी प्राप्त कर सकेंगे।
  • किसानों की पानी की मांग, परियोजना की गुणवत्ता व रखरखाव की निगरानी भी स्काडा सिस्टम के माध्यम से होगी।

? फैक्ट फाइल (महत्वपूर्ण जानकारी)

परियोजना की कुल लागत: ₹137.26 करोड़
कुल पाइप नेटवर्क: 417 किमी
अब तक बिछाई गई पाइपलाइन: 349 किमी
कुल OMS बॉक्स: 342 (दक्षिण छोर पर 178, उत्तर छोर पर 164)
लाभान्वित किसान: 12,205
सिंचित क्षेत्र: 9,636 हेक्टेयर

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