प्रशासन की लापरवाही: मौसम अलर्ट के बावजूद गेहूं को छोड़ दिया बारिश के भरोसे!
Shocking images reveal agricultural negligence in Dindori as precious wheat stocks meant for public distribution system get destroyed by monsoon rains.
500+ quintals of wheat ruined at Dindori procurement center | Credit: MP Samwad |
Administrative Negligence: Wheat Left to Rain Despite Weather Alerts!
Special Correspondent, Dindori, MP Samwad.
डिंडोरी में जबरदस्त लापरवाही! मौसम चेतावनी के बावजूद 500+ क्विंटल गेहूं बारिश में भीगा। किसानों का पसीना बर्बाद, अधिकारी सिर्फ पन्नी डालकर भागे। प्रशासन का बचाव नाकाफी!
SHAMEFUL NEGLIGENCE in Dindori! 500+ quintals of WHEAT RUINED in rain despite weather alerts. Officials LEFT GRAIN EXPOSED under plastic sheets. Farmers’ hard work DESTROYED while administration passes blame.
MP संवाद, डिंडोरी। बेमौसम बारिश ने एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है। समनापुर जनपद के चांदरानी गेहूं खरीदी केंद्र में सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया, जबकि मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। हैरानी की बात यह है कि खरीदी समाप्त होने के बाद भी गेहूं का समय पर परिवहन नहीं किया गया।
क्या हुआ?
- पिछले 15 दिनों से जिले में लगातार ओलावृष्टि और बारिश
- मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद नहीं किए गए इंतजाम
- गेहूं को सिर्फ पन्नी से ढककर छोड़ दिया गया
- भीगे हुए गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल
प्रशासन की लचर व्यवस्था
नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक अशोक राजपूत ने मामले की जानकारी मिलने पर चांदरानी केंद्र का दौरा किया, लेकिन जिम्मेदारी खरीद समिति पर डाल दी। जब उनसे सवाल किया गया तो वे गोलमोल जवाब देते नजर आए।
कर्मचारी का बयान:
“अगर समय पर गेहूं का परिवहन कर दिया जाता तो यह नौबत नहीं आती।”
बड़े सवाल
- क्यों नहीं माना गया मौसम विभाग का अलर्ट?
- क्या पन्नी से ढकना पर्याप्त इंतजाम है?
- भीगे गेहूं का क्या होगा? किसानों को मिलेगा पूरा दाम?