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संजीवनी बना SNCU, दमोह जिला अस्पताल में नवजातों की देखभाल में सफलता.

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Katni District Hospital’s SNCU achieves 88% success in newborn care, providing specialized treatment and life-saving medical support to infants in critical condition.

Special Newborn Care Unit (SNCU) at Katni District Hospital providing critical care for infants.

Katni District Hospital’s SNCU: A lifeline for newborns with specialized care and advanced treatment facilities.

SNCU Becomes a Lifeline, Successful Neonatal Care at Damoh District Hospital.

Sone Singh Thakur, Special Correspondent, Damoh/ Bhopal, MP Samwad.

The Special Newborn Care Unit (SNCU) at Damoh District Hospital is ensuring better neonatal care, reducing infant mortality rates. With 88% successful recoveries, advanced facilities, and dedicated medical staff, the hospital is saving newborn lives through Kangaroo Mother Care and specialized treatments.

दमोह। जिला चिकित्सालय की स्पेशल नवजात देखभाल इकाई (SNCU) नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि यहां गंभीर अवस्था में भर्ती किए गए नवजातों को समुचित उपचार एवं देखभाल देकर 88% शिशुओं को स्वस्थ करके डिस्चार्ज किया गया है। यह इकाई शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कंगारू मदर केयर से नवजातों को मिल रही सुरक्षा

स्पेशल नवजात देखभाल इकाई में “कंगारू मदर केयर” (KMC) पद्धति से शिशुओं को विशेष देखभाल दी जाती है। अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है, जिससे नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

डॉ. जैन ने बताया कि अप्रैल से अब तक 1769 नवजात भर्ती किए गए, जिनमें से 1554 शिशु पूर्णतः स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए। यह सफलता गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल एवं समर्पित चिकित्सा सेवा का परिचायक है।

किन नवजातों को SNCU में भर्ती किया जाता है?

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जलज बजाज ने बताया कि SNCU में निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नवजातों को भर्ती किया जाता है:
1800 ग्राम से कम वजन के शिशु
34 सप्ताह से पहले जन्मे नवजात
श्वसन संबंधी समस्या
पीलिया (Jaundice)
दूध न पी पाने की समस्या
अविकसित अंगों वाले नवजात

यहां 30 बिस्तरों वाली SNCU यूनिट में 26 रेडियंट वार्मर और 6 फोटोथेरेपी मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे तापमान नियंत्रण और संक्रमण से बचाव किया जाता है।

परिवारों को भी दी जाती है गाइडेंस

डिस्चार्ज से पहले परिजनों को नवजात की देखभाल, स्वच्छता, स्तनपान और पोषण संबंधी जानकारी दी जाती है। डिस्चार्ज के बाद भी स्टाफ द्वारा फोन पर फॉलो-अप कॉल्स किए जाते हैं और आवश्यकतानुसार पुनः जांच के लिए बुलाया जाता है।

राज्य का औसत 80% है, जबकि कटनी SNCU की सफलता दर 88% तक पहुंच चुकी है, जो इसे प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ नवजात देखभाल इकाइयों में शामिल करता है।

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