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मध्य प्रदेश में मानसून के इस सीजन में अब तक 27 फीसदी बारिश दर्ज, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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भोपाल

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 15 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। साइक्लोनिक सर्कूलेशन और ट्रफ की वजह से प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना हुआ है। इसके कारण एमपी के इंदौर जिले में मंगलवार की सुबह तेज बारिश के साथ शुरू हुई है।

 इंदौर में मंगलवार 16 जुलाई को सुबह 5.30 बजे से बारिश का दौर शुरू हो गया। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत 15 जिलों में तेज बारिश (Heavy Rainfall) का दौर चलेगा।

मानसून ट्रफ आया नीचे

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून (Monsoon Update) ट्रफ नीचे आई है। वहीं एक लो प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी से एक्टिव हुआ है। पश्चिमी राजस्थान पर बना चक्रवात मानसून ट्रफ के साथ विलीन हो गया है। गुजरात के ऊपर भी एक साइक्लोन सर्कुलेशन सिस्टम बना हुआ है। इसलिए एमपी में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है।

सोमवार को दिन भर उमस ने किया परेशान
राजधानी भोपाल में सोमवार को सुबह शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सुबह से ही बारिश का दौर चलता रहा। इस दौरान सुबह 8:30 बजे तक 13.6 मिमी यानी आधा इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके बाद दोपहर में शहर में तेज धूप भी खिली साथ ही बादलों की आवाजाही भी रही।

इसके चलते लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। सुबह बारिश के चलते अधिकतम तापमान में एक डिग्री से अधिक की गिरावट आई लेकिन उसम से लोग परेशान नजर आए। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम 24.4 डिग्री दर्ज किया गया।

आईएमडी भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मानसून ट्रफ थोड़ी नीचे आई है। एक लो प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी से एक्टिव हुआ है। पश्चिमी राजस्थान पर बना चक्रवात मानसून ट्रफ के साथ विलीन हो गया है। गुजरात के ऊपर भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम है। इस वजह से तेज बारिश हो रही है। 19-20 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है, जिससे प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा।

एमपी में अब तक औसत से 6 फीसदी बारिश कम

बताते चलें कि वर्तमान स्थिति देखें तो पूरे मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक जून-जुलाई में जहां अब तक नॉर्मल बारिश 10.6 इंच बारिश दर्ज की जाती है। लेकिन अब तक केवल 10 इंच ही बारिश हुई है। यानी मानसून सीजन में अब तक 0.6 इंच बारिश कम हुई है।

मौसम विभाग ने दी थी मानसून 2024 में 106% बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन में जून से सितंबर तक की बात की जाए तो मध्य प्रदेश में 37.3 इंच बारिश दर्ज की जानी चाहिए। लेकिन मौसम विभाग ने Monsoon 2024 में 106% यानी 38-39 इंच बारिश का अनुमान जताया है।

इससे पहले सोमवार को प्रदेश के 19 जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। खरगोन के सनावद में एक टैंकर बांकुर नदी की बाढ़ में बह गया। बड़वाह में मकान-दुकानों में पानी घुस गया। नर्मदा नदी का वाटर लेवल एक मीटर तक बढ़ गया। सीहोर के आष्टा और आगर-मालवा में इतनी तेज बारिश हुई कि सड़कें तालाब बन गईं। मंडला में सबसे ज्यादा 1 इंच बारिश हुई। रतलाम में भी तेज बारिश का दौर चला। यहां भी करीब 1 इंच बारिश हुई है। छिंदवाड़ा, जबलपुर में आधा इंच के करीब पानी गिरा। इंदौर, सीहोर, भोपाल, रतलाम, मुरैना, नरसिंहपुर, सागर, उमरिया, धार, ग्वालियर, नर्मदापुरम, खरगोन, रतलाम, शिवपुरी समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

डैमों में पानी का लेवल बढ़ा

बारिश की वजह से प्रदेश के बड़े डैमों में पानी का लेवल भी बढ़ा है। सीहोर के कोलार, शहडोल के बाणसागर, खंडवा के ओंकारेश्वर, जबलपुर के बरगी, नर्मदापुरम के तवा डैम, भोपाल के कलियासोत डैम में एक से दो फीट तक पानी बढ़ गया है। लगातार तेज बारिश होने से लेवल और भी बढ़ जाएगा।

मौसम वैज्ञानिक शिवांग बाकोदे ने बताया कि पश्चिमी गुना, इंदौर/आंध्र प्रदेश, धार/मांडू, खरगोन/महेश्वर, खंडवा/ओंकारेश्वर, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी में बिजली के साथ भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है । साथ ही रायसेन/भीमबेटका, विदिशा, भोपाल, सागर, देवास, शाजापुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ में बिजली के साथ मध्यम गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। उन्‍होंने बताया कि बैरागढ़, आगर मालवा, अशोकनगर, उत्तरी बैतूल, राजगढ़, पंढुर्ना, हरदा, दमोह, सांची, उदयगिरि, जबलपुर, श्योपुर कलां, रतलाम, मंडला/कान्हा, डिंडोरी में सुबह के समय बिजली के साथ हल्की गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

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