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मध्य प्रदेश के सभी 6 टाइगर रिजर्व कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पन्ना और संजय धुबरी को एक जुलाई से पर्यटकों के लिए बंद

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Jabalpur: 25th wreath laying ceremony of Pandit Omkar Maharaj

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भोपाल
 अगर आपको टाइगर का दीदार करना है तो अब 3 महीने इंतजार करना पड़ेगा। यानी 1 अक्टूबर के बाद ही आपको सलीके से टाइगर दिखाई देंगे। इसके लिए मध्य प्रदेश के सभी 6 टाइगर रिजर्व कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पन्ना और संजय धुबरी को एक जुलाई से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि कुछ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में पर्यटक टाइगर सफारी पहले की तरह ही कर सकेंगे, लेकिन वे कोर एरिया में नहीं जा पाएंगे। ऐसे में टाइगर के दिखने का चांस न के बराबर होगा।

पन्ना टाइगर रिजर्व को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इस समय में कोर गेट क्षेत्र बंद रहेंगे, जबकि बफर क्षेत्र जैसे पांडव फॉल और रानेह फॉल खुले रहेंगे। इस सीजन में पन्ना टाइगर रिजर्व ने इतिहास में सबसे अधिक, 6 करोड़ से अधिक की आय दर्ज की है। 1 अक्टूबर 2023 से 30 मई 2024 तक 2 लाख से अधिक देशी और विदेशी पर्यटक यहां आए। 47 डिग्री तापमान के बावजूद टिकिट बिकते रहे और पर्यटक आते रहे।

आकर्षण का केंद्र: टाइगर परिवार

इस सीजन में पर्यटकों को टाइगर परिवार के साथ देखने का अवसर मिला, जो उनके लिए रोमांचकारी अनुभव बना। बाघिन पी-652 और उसके शावक हिनौता गेट पर और बाघिन पी-151 और उसके चार शावक मडला गेट पर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे।

ऐसे होगा आय का उपयोग

पन्ना टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर, अंजना सूचिता तिर्की ने बताया कि प्राप्त आय का 10% ईको टूरिज्म बोर्ड को, 33% ईको विकास समितियों में गांवों के विकास के लिए, और बची हुई राशि टाइगर रिजर्व के विकास में खर्च की जाएगी।

बढ़ती बाघों और पर्यटकों की संख्या

पन्ना टाइगर रिजर्व देश और दुनिया भर में बढ़ती हुई बाघों की संख्या और पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या के लिए प्रसिद्ध है। बाघों के दीदार के लिए यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।

मानसून का प्रभाव

मानसून के दौरान, पन्ना जैसे टाइगर रिजर्व के अधिकांश अक्षम हो जाते हैं क्योंकि गीले रास्तों और जंगली क्षेत्रों में वाहन चलाना खतरनाक हो सकता है। मानसून का समय बाघ और बाघिनों के लिए प्रेम का मौसम होता है। वे साथ में रहते हैं और एकांतवास में रहते हैं, और अगर कोई उन्हें विघ्नित करता है, तो वे खूंखार हो सकते हैं, जिसके कारण सुरक्षा के लिए कोर क्षेत्रों को बंद कर दिया जाता है। इस अवधि में, बांधवगढ़ जैसे अन्य रिजर्व्स के बफर क्षेत्रों में सफारी जारी रहेगी, जिससे पर्यटक बारिश के दौरान सफारी का आनंद ले सकें।

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