cropped-mp-samwad-1.png

धधकते जंगल… सुलगते पहाड़ और सांसों पर संकट, अब भयावह आग पर काबू पाने का ये है प्लान

0

Blazing forests, smoldering mountains and breathing problems, now this is the plan to control the horrific fire.

उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नैनीताल के पास भवाली दुगई स्टेट से सटे जंगल से बर्मा टोप के जंगलों तक पहुंच गई है। इसके अलावा आग की लपटें नैनीताल में हाईकोर्ट कॉलोनी के पास भी पहुंच गई हैं। नैनीताल में लड़ियाकांटा इलाके के जंगल में भी आग फैली हुई है। तेज हवाओं के कारण आग पर काबू पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यहां फैल रही आग पर काबू पाने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, नैनीताल के लड़ियाकाटा एयर फोर्स, पाइंस, गेठिया, बलदियाखान, एरीज, बारा पत्थर के पास जंगल क्षेत्र में आग लगी हुई है। जिसको काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर दमकल विभाग और वन विभाग है।

कुमाऊं के जंगल में 26 जगह लगी आग
कुमाऊं में जंगल धधक रहे है। आग की घटनाएं लगातार जारी हैं। बीते 24 घंटे में एक-दो नहीं बल्कि कुमाऊं के जंगलों में 26 जगहों पर आग लगी है। प्रदेश के 31 जगहों पर आग लगने की घटना हुई है, इसमें सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल में कोई भी घटना नहीं हुआ है, जबकि वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है।


ऐसा पाया जा रहा है आग पर काबू

नैनीताल के आसपास के जंगल के क्षेत्र में लगी आग पर अब हेलीकॉप्टर की मदद से पानी डाला जा रहा है। नैनीझील और भीमताल की झील से पानी निकालकर वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से आग पर पानी बरसाया जा रहा है। जिसके चलते झील में नौकायन भी बंद है। शुक्रवार को सेना के जवानों ने हेलीकाप्टर से झील की रेकी भी की थी।

ईओ प्रशिक्षु आईएएस राहुल आनंद ने बताया कि जिलाधिकारी वंदना सिंह के आदेश पर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी अलर्ट हैं। विविध माध्यमों से सामंजस्य बनाकर वनाग्नि पर काबू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वायुसेना के अधिकारियों से भी बातचीत की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.