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सट्टा बाजार के चक्कर में कंगाल होते युवा

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Youths are becoming poor because of the betting market

युवाओं को इस खेल की लत लगी, वित्तीय जोखिम बना मानसिक बीमारी का कारण देखा देखी में एक नहीं कई टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते,

कमलेश अहिरवार

my11circle व dream11 यह बहुत ही खतरनाक बीमारी के तौर पर उभर रही है। इस खेल पर समय रहते रोक लगानी होगी या फिर कोई और स्थाई समाधान ढूंढना होगा। अन्यथा वित्तीय जोखिम के साथ साथ मानसिक बीमारी के जन्म का कारण बनने लगा है। चूंकि my11circle व dream11 एक ऐसा खेल है जो 39 व 59 रुपए में युवाओं को रातों रात करोड़पति बनने का सपना दिखा रहा है। कभी जीतने पर 1 करोड़ तो कभी दो करोड़ और आजकल 4 करोड़ की राशि जीतने पर दी जा रही है। इस चक्कर में लाखों युवाओं को इस खेल की लत लगी हुई है और अपनी वर्षों की मेहनत की कमाई को यूं ही बर्बाद करने में लगे हुए हैं। सरकारी क्षेत्र में तैनात कर्मचारी भी इसका शिकार बनते जा रहे है। आखिर बने भी क्यों न दिन में कोई चैनल खोलें तो my11circle व dream11 का विज्ञापन पल पल आपके आंखों के सामने चलता रहेगा।

15-20 टीमें लगाकर करोड़पति बनने की फिराक में रहते है। लालच आता ही है। लेकिन यह लालच न आए उसके दृढ़ शक्ति बहुत कमजोर होती है। ऐसे भी कई लोग है जो ड्रीम 11 पर इसका शिकार हो रहें है। 59 रुपए लगा कर करोड़पति बनने का सपना जब टूट जाए तो कहते है 59 रुपए ही तो गए लेकिन 59 भी तो मुफ्त में गए क्योंकि सामने वाले तो पहले ही बोला था वित्तीय जोखिम है लेकिन आपने नहीं सुनी। करोड़ पति बनने के लिए एक नहीं कई कई टीमें लगाकर इंतजार में बैठे रहते है और बाद में वो पैसे भी डूब रहें है। इस

बर्बादी में युवा पीढ़ी ही नहीं कई बुद्धिजीवी भी प्रतिदिन हजारों रुपए इस खेल में लगा रहे इस खेल में प्रतिदिन पैसे की वर्वादी देख गानसिक तनाव से पीड़ित हो रहें है। वहीं छोटी- छोटी बातों पर परिजनों से नोक झोंक भी हो जाती। युवाओं में तनाव व चिड़चिड़ापन देखा जा रहा है, ये खेल नशे की भाति युवाओं के मानसिक संतुलन को खोखला कर रहा है। समाज का एक बड़ा इस खेल को सही मानता है और एक घड़े ने इसे आधुनिक जुए की संज्ञा दी है। अब युवाओं और बुद्धिजीवियों को खुद तय करना है कि इस खेल में भाग लेना है या दुरी बनाना है।

my11circle व dream11 एक ऐसी ऐप है, जिसपर लोग किसी भी मैच से पहले अपनी क्रिकेट टीम बनाते हैं यानी दोनों टीमों की खिलाड़यिों से अपने मन के हिसाब से खिलाड़ी चुनते हैं और फिर पॉइंट्स के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इस ऐप की शुरुआत साल 2016 में हुई थी और माना जाता है कि इस तरह के के गेम के लिए यह ऐप सेफ है, साथ ही जितने भी लोग इसमें टीम बनाते हैं, उनके पॉइंट्स की रैंक के आधार पर उन्हें पैसे मिलते हैं. इसके माध्यम से आप क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के मैच में भी टीम बनाते हैं, जिनका पॉइंट सिस्टम अलग अलग है।

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