MP SAMVAAD LOGO 2

हमारे बच्चे मर रहे हैं” — बैगा आदिवासियों की चीख, विधायक ने CM तक पहुंचाई आवाज.

0

Our Children Are Dying” — The Cry of Baiga Tribals, MLA Carries Their Voice to the Chief Minister.

बालाघाट बैहर-बिरसा में 5 महीने में 43 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत — विधायक संजय उइके ने CM को लिखा पत्र मध्यप्रदेश
बालाघाट के बैहर-बिरसा क्षेत्र में 5 महीने में 43 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत — विधायक संजय उइके ने CM को पत्र लिखकर श्वेतपत्र की मांग की | MP संवाद

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.

43 मासूमों की मौत — मीजल्स, मलेरिया या सिस्टम की विफलता?

बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल बैहर-बिरसा क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के 43 बच्चों की मौत पिछले पांच महीनों में होने की पुष्टि क्षेत्रीय विधायक संजय उइके ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में की है। बच्चों की मौत मीजल्स, मलेरिया सहित विभिन्न बीमारियों से बताई जा रही है। सवाल यह है कि जब सरकार के पास आंकड़े थे, तो समय पर इलाज क्यों नहीं मिला?

28 परिवारों को मिली सहायता, 15 अभी भी इंतजार में — भेदभाव क्यों?

विधायक संजय उइके ने अपने पत्र में खुलासा किया कि 43 मृत बच्चों में से केवल 28 परिवारों को सरकारी सहायता राशि मिली है — जबकि 15 पात्र परिवार अभी भी सहायता के इंतजार में हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शेष 15 परिवारों को भी तत्काल समान सहायता राशि दी जाए। एक ही त्रासदी में कुछ को राहत और कुछ को उपेक्षा — यह भेदभाव किस आधार पर?

श्वेतपत्र की मांग — गांववार, आयुवार मौतों का हिसाब दे सरकार!

विधायक उइके ने सरकार से कई कड़े सवालों के जवाब मांगे हैं। उन्होंने मांग की है कि वर्ष 2026 में बैगा बच्चों की गांववार और आयुवार मृत्यु संख्या, प्रत्येक मौत का आधिकारिक मेडिकल कारण और कुपोषित बच्चों की सूची सार्वजनिक की जाए। साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और आदिवासी परिवारों तक पहुंच रही सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग भी की गई है। 43 मासूमों की मौत महज आंकड़ा नहीं — यह सिस्टम की विफलता का जीवंत प्रमाण है।

Legal Disclaimer.
This news report is based on a letter written by MLA Sanjay Uike to the Chief Minister of Madhya Pradesh regarding the deaths of children from the Baiga tribal community in Baher-Birsa area of Balaghat district. The figures and allegations mentioned herein are based on the MLA’s official communication and local reports. MP Samwad does not intend to defame any individual, government body, or institution. This report is published strictly in public interest and to highlight the humanitarian concerns of a vulnerable tribal community. For corrections or clarifications, contact mpsamwad.com.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.