मासूमों की मौत ने जगाया सिस्टम, अब बैगा गांवों में घर-घर खोजी जाएगी बीमारी.
The Deaths of Innocent Children Have Awakened the System; Now Health Teams Will Go Door-to-Door in Baiga Villages to Detect Illnesses.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल। बालाघाट के बैगा बहुल इलाकों में बच्चों की लगातार मौतों के बीच अब प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 21 अगस्त 2026 को मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जिले के बिठली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बच्चों और अन्य मरीजों का हाल जाना तथा उनके परिजनों से चर्चा कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या ये कदम पहले उठाए जाते तो हालात इतने गंभीर होते? बैगा क्षेत्रों में बच्चों की मौतों ने पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब घर-घर सर्वे और विशेषज्ञ शिविर के निर्देश कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं, यही असली परीक्षा होगी।
अब हर घर की खंगाली जाएगी सेहत, बच्चों पर विशेष निगरानी
मंत्री डॉ. शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैगा क्षेत्रों के सभी गांवों में घर-घर स्वास्थ्य सर्वे कराया जाए। बच्चों की विशेष स्वास्थ्य जांच के साथ बीमार बच्चों का आवश्यकतानुसार उपचार, टीकाकरण और विटामिन-ए की खुराक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और मैदानी अमले को गांवों में लगातार निगरानी रखने तथा बीमारी के लक्षण मिलते ही तत्काल उपचार उपलब्ध कराने को कहा।
यह निर्देश ऐसे समय आए हैं जब बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ी हुई है। ऐसे में केवल सर्वे का आदेश काफी नहीं होगा। जरूरी है कि सर्वे के दौरान सामने आने वाले हर गंभीर मामले का समयबद्ध उपचार और फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए।
बेड बढ़ेंगे, ECG मशीन आएगी, डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
बिठली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्री ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाने, बेड क्षमता में वृद्धि करने तथा ECG मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होने से ग्रामीणों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर के अस्पतालों पर निर्भरता कम हो सकती है। लेकिन बैगा बहुल दूरस्थ इलाकों की वास्तविक चुनौती सिर्फ अस्पताल में उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बीमार मरीज को समय पर अस्पताल तक पहुंचाना भी है।
इसी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलाकर बैगा जनजाति के लोगों के लिए विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें ग्रामीणों और बच्चों की जांच, आवश्यक उपचार और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
सड़क-बिजली के वादे भी सामने आए, अब जमीन पर उतरने की बारी
निरीक्षण के दौरान बिठली की सरपंच ने बिठली से हर्रानाला, आमानाला और चुक्का टोला तक सड़क निर्माण तथा दुगलई गांव में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि कोई भी बैगा गांव बिजली से वंचित नहीं रहेगा और संबंधित सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान सांसद श्रीमती भारती पारधी, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम, कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि कितने निर्देश दिए गए—सवाल यह है कि बैगा बस्तियों में इन निर्देशों का असर कब दिखाई देगा? क्योंकि मौतों के बाद होने वाली सक्रियता तभी सार्थक मानी जाएगी, जब अगला मासूम बीमारी से जूझते हुए समय पर इलाज पा सके।
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