CSP पर FIR, ऑफिस सील और अब निलंबन! कटनी जमीन कांड में बड़ा एक्शन.
FIR Against CSP, Office Sealed and Now Suspension! Major Action in Katni Land Case.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी के बहुचर्चित जमीन प्रकरण ने अब प्रदेश स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। जमीन सौदे को लेकर दर्ज FIR और सामने आए आरोपों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया के तत्काल निलंबन के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस कदम से कटनी पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है और अब पूरे प्रकरण की जांच पर प्रदेश की निगाहें टिक गई हैं। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और किसी भी आरोपी को दोषी साबित करना अदालत का काम है।
82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में? आरोपों ने खड़े किए बड़े सवाल
प्रकरण कटनी के कन्हवारा क्षेत्र स्थित खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध शिकायत और जांच संबंधी जानकारी के अनुसार इस जमीन की शासकीय गाइडलाइन वैल्यू करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई, जबकि आरोप है कि 15 अप्रैल 2026 को इसकी रजिस्ट्री करीब 18.20 लाख रुपये में कराई गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हत्या के एक मामले में आरोपी रमेश लोधी पर पुलिसिया दबाव बनाकर जमीन का सौदा कराया गया। इस मामले में CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
यही वह बिंदु है जिसने पूरे मामले को सामान्य जमीन विवाद से निकालकर पद के कथित दुरुपयोग और पुलिस प्रभाव के इस्तेमाल के गंभीर आरोपों तक पहुंचा दिया है।
बैंक खातों की कड़ियां और सील CSP कार्यालय ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
जांच से जुड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार रजिस्ट्री वाले दिन मारूफ अहमद के खाते में कुल 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। रिपोर्टों में 10 लाख रुपये ‘शाइन पार्टनर्स’ और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापत्रे से जुड़े खाते से आने की बात कही गई है। इन लेन-देन की जांच को प्रकरण की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
FIR के बाद CSP कार्यालय को सील किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई है। इस कदम का उद्देश्य संबंधित दस्तावेजों, फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना तथा संभावित छेड़छाड़ की आशंका को रोकना बताया जा रहा है।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि CSP से जुड़े अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। इससे संकेत मिलता है कि जांच का दायरा केवल FIR में नामजद व्यक्तियों तक सीमित नहीं रह सकता।
CM का सख्त संदेश—पद बड़ा हो सकता है, कानून नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही, दबाव और पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अब असली परीक्षा जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता की है। क्या जमीन सौदे, कथित दबाव, बैंक लेन-देन और पुलिस अधिकारियों की भूमिका से जुड़े सभी सवालों के जवाब जांच में सामने आएंगे? क्या जिम्मेदारी तय होने के बाद कार्रवाई केवल निलंबन तक सीमित रहेगी या दोष सिद्ध होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी होगी?
कटनी का यह मामला अब सिर्फ एक जमीन की रजिस्ट्री का विवाद नहीं रह गया है। यह सवाल बन चुका है कि कानून लागू कराने वाली व्यवस्था में यदि पद और प्रभाव पर आरोप लगें, तो जवाबदेही कितनी तेज और कितनी निष्पक्ष होती है।
Legal Disclaimer
This article reports allegations, FIR details and official actions; allegations are not proof of guilt, and final responsibility will be determined through due legal process.