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रसोई से सड़क तक चर्चा, ‘प्लास्टिक चावल’ के डर ने बढ़ाई चिंता.

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From Kitchens to Streets, ‘Plastic Rice’ Fears Spark Widespread Concern.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Bhopal, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, शहडोल। शहडोल शहर के ऐतिहासिक और व्यस्ततम गंज क्षेत्र से खरीदे गए चावल को लेकर इन दिनों लोगों में चिंता और संशय का माहौल है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया है कि चावल को आग पर गर्म करने पर वह पिघलकर प्लास्टिक जैसा दिखाई देने लगा।

वीडियो के सामने आने के बाद आम उपभोक्ताओं, राशन कार्ड धारकों और बाजार से खाद्यान्न खरीदने वाले परिवारों के बीच आशंकाएं बढ़ गई हैं। हालांकि, अब तक किसी अधिकृत जांच रिपोर्ट ने चावल में प्लास्टिक या किसी अन्य मिलावट की पुष्टि नहीं की है।

वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति चावल को गर्म कर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाता दिखाई दे रहा है। वीडियो के बाद लोगों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और बाजार में बिक रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर जरा भी संदेह है तो प्रशासन को तत्काल नमूने लेकर जांच करानी चाहिए।

विशेषज्ञों की राय: लैब जांच के बिना निष्कर्ष संभव नहीं

खाद्य विशेषज्ञों का कहना है कि चावल में मौजूद स्टार्च गर्म होने पर चिपचिपा या पिघला हुआ दिखाई दे सकता है। इसलिए केवल वीडियो देखकर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि चावल में प्लास्टिक की मिलावट है।

विशेषज्ञों के अनुसार इसकी पुष्टि केवल अधिकृत प्रयोगशाला जांच के बाद ही की जा सकती है।

कार्रवाई से पहले जांच या जांच से पहले कार्रवाई?

विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि खाद्य विभाग ने अब तक व्यापक स्तर पर सैंपलिंग और जांच अभियान क्यों शुरू नहीं किया?

लोगों का कहना है कि यदि बाजार में बिक रहे चावल को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ है तो विभाग को स्वतः संज्ञान लेकर पारदर्शी जांच करनी चाहिए, ताकि अफवाहों और वास्तविकता के बीच की स्थिति स्पष्ट हो सके।

खाद्य विभाग ने क्या कहा?

खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। साथ ही बिना पुष्टि के भ्रामक जानकारी फैलाने और सार्वजनिक सेवकों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

हालांकि नागरिकों का कहना है कि अफवाहों पर कार्रवाई के साथ-साथ खाद्यान्न की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच भी उतनी ही जरूरी है।

जनता की मांग: जांच हो, सच्चाई सामने आए

स्थानीय लोगों ने गंज क्षेत्र सहित आसपास के गोदामों और खाद्यान्न विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण तथा सैंपल जांच की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि चावल पूरी तरह सुरक्षित है तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह सिर्फ एक वायरल वीडियो से पैदा हुई आशंका है, या फिर खाद्य सुरक्षा से जुड़ा कोई गंभीर मामला? इसका जवाब अब जांच रिपोर्ट ही दे सकेगी।

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