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स्लीमनाबाद बनाम बहोरीबंद: दो मामलों ने खोली पुलिस कार्रवाई की परतें.

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Sleemanabad vs Bahoriband: Two Cases Expose Contrasting Faces of Police Action.

Special Correspondent, Amit Tiwari, Katni, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल के दो मामलों ने पुलिस विभाग की कार्रवाई के पैमाने और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक मामले में आरक्षक पर अवैध वसूली के आरोप के बाद थाना प्रभारी तक पर कार्रवाई हुई, जबकि दूसरे मामले में उपनिरीक्षक पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं होने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

बहोरीबंद मामला: आरक्षक की वसूली और TI पर कार्रवाई

कुछ समय पहले बहोरीबंद थाना क्षेत्र में एक आरक्षक पर भूसा वाहनों से 500-500 रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप लगा था। मामले की जांच के बाद संबंधित आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई।

इसके साथ ही विभाग ने कमांड एंड कंट्रोल की जवाबदेही तय करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी अखिलेश दहिया को भी लाइन अटैच कर दिया। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग के ‘जीरो टॉलरेंस’ संदेश के रूप में प्रचारित किया गया।

स्लीमनाबाद मामला: हजारों रुपये की मांग के आरोप

दूसरी ओर, स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में कार्यवाहक उपनिरीक्षक (SI) संतोष बड़गैया पर एक पीड़ित से आवेदन की पावती देने के बदले कथित रूप से हजारों रुपये की मांग करने का आरोप लगा।

मामला पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा तक पहुंचने के बाद संबंधित SI को निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया। हालांकि इस मामले में थाना प्रभारी अथवा संबंधित एसडीओपी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने से चर्चा शुरू हो गई है।

जनता के सवाल: जवाबदेही का पैमाना अलग क्यों?

दोनों मामलों की तुलना करते हुए लोग कई सवाल उठा रहे हैं—

  • यदि बहोरीबंद में आरक्षक के मामले में थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की गई, तो स्लीमनाबाद में ऐसा क्यों नहीं हुआ?
  • क्या विभागीय कार्रवाई का पैमाना सभी मामलों में एक समान है?
  • क्या वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए कोई स्पष्ट नीति है?

एसडीओपी कार्यालय की निकटता भी चर्चा में

स्लीमनाबाद मामले में यह तथ्य भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि संबंधित एसडीओपी कार्यालय थाना परिसर से अधिक दूरी पर नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों का एक वर्ग पूछ रहा है कि यदि थाने के भीतर कथित अनियमितता हुई, तो उसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी?

पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया का इंतजार

मामले को लेकर जब पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तब तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

बड़ा सवाल

कटनी पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे इन सवालों का जवाब क्या विभाग निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई से देगा, या फिर दोहरे मापदंड के आरोप यूं ही चर्चा का विषय बने रहेंगे? जिले की जनता अब इसी जवाब का इंतजार कर रही है।

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